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राशिफल व पञ्चांग 10 फरवरी 2019

09-02-2019 19:54:16

 

अल्मोड़ा |  समाज के निर्धन एवं असहाय लोगों के सशक्तिकरण एवं विकास के लिए हमें और अधिक प्रयास करने होंगे तभी सही मायने में विकास का वास्तविक लाभ उन लोगों तक पहुँच  पायेगा। यह बात आज उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति (यूजीवीएस) द्वारा संचालित एवं अंतराष्ट्रीय कृषि विकास निधि (आईएफएडी) द्वारा वित्त पोषित एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजन (आईएलएसपी) की जिला स्तरीय समन्वयन एवं अनुश्रवण समिति (डीसीएमसी) की वित्तीय वर्ष 2018 . 19 की प्रथम त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष जिला पंचायत पार्वती महरा ने अध्यक्षता करते हुये कही। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से हम महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ ही स्वयं सहायत समूह को भी आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने का काम कर सकते है।
इस कार्यक्रम में  उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद में एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के माध्मय से जो कार्य किये जा रहे है उससे महिलाओ को लाभ मिल रहा है। उन्होंने परियोजना अधिकारी को निर्देश दिये कि वे प्रत्येक आजीविका संघ स्तर पर मुर्गी पालन, बकरी पालन इकाईयों की स्थापना के लिये उन्हें प्रेरित करे साथ ही रेखीय विभागों को परियोजना के सामन्जयस समुदाय को लाभान्वित करने हेतु निर्देशित किया।
प्रभागीय परियोजना प्रबन्धन कैलाश चन्द्र भट्ट ने परियोजना की वर्तमान तक हुई प्रगति का प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि वर्तमान तक परियोजना द्वारा परियोजना विकास खण्ड क्रमशः स्याल्दे, सल्ट, भिक्यासैण, चौखुटिया, हवलबाग, ताड़ीखेत, द्वाराहाट, लमगड़ा, भैसियाछाना एवं धौलादेवी में डेयरी, मसाला, सब्जी उत्पादन, मुर्गी एवं बकरी पालन, धान एवं गेहूँ उत्पादन हेतु उत्पादक समूह सदस्यों को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध करवाये गये वित्तीय सहयोग का परिणाम उत्पाद के रूप में धीरे-धीरे सामने आ रहा है। उन्होंने ने बताया कि परियोजना द्वारा वर्तमान तक कुल 50 स्वायत्त सहकारिताओं/आजीविका संघों का गठन किया गया है। आजीविका संघों के माध्यम से संबंधित आच्छादित समुदाय को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्येक आजीविका संघ के कार्यक्षेत्र में एक उद्यम की स्थापना किया जाने के प्रयास चल रहे हैं। आजीविका संघ स्तर पर स्थानीय उत्पाद के संग्रहण केन्द्रों  का निर्माण करने के साथ पौधारोपण, लोहे की घेरबाड़ करने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हवलबाग विकास खण्ड में विकास एवं प्रगति स्वायत्त सहकारिता द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आवंटित भवन (प्रसार- प्रशिक्षण केन्द्र, हवलबाग) में एक बेकरी इकाई की स्थापना प्रगति पर है, इस इकाई में मडुवे एवं स्थानीय उत्पादों के बिस्किट एवं आदि को भी तैयार करवाया जायेगा। भिक्यासैण में पूर्व से निष्प्रयोज्य साबित हो रही एक मसाला प्रसंस्करण इकाई को पुनः जीवित करने का प्रयास भी प्रगति पर है। दोनों ही उद्यमों में माह अगस्त से उत्पादन/प्रसंस्करण का कार्य आरम्भ हो जायेगा। इसी प्रकार आपणु बाजार, चौखुटिया, राम लीला मैदान, भिक्यासैण, सरस केन्द्र, नरसिंह बाड़ी, अल्मोड़ा के समीप साप्ताहिक हाट का आयोजन किया जा रहा है। जय भुमिया बाबा स्वायत्त सहकारिता, भगौती, चौखुटिया द्वारा प्रतिदिन लगभग 170 लीटर दुग्ध उत्पादन, संग्रहण एवं उक्त का आंचल को विपणन किया जा रहा है। पूर्व वित्तीय वर्ष में सहकारिता द्वारा इस गतिविधि से लगभग 1 लाख से अधिक धनराशि का लाभ अर्जित किया है। परियोजनान्तर्गत गठित स्वायत्त सहकारिताओं द्वारा जनपद में आगनबाड़ी केन्द्रों को टेक होम राशन की आपूर्ति भी की जा रही है। नारी एकता स्वायत्त सहकारिता द्वारा टेक होम राशन के अतिरिक्त रूटफ्/ऊर्जा (ready-to-use therapeutic food (RUTF)का भी सम्पूर्ण अल्मोड़ा जनपद में वितरण किया जा रहा है।
 परियोजना प्रबन्धक ने परियोजना की वर्तमान तक हुई प्रगति का प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि वर्तमान तक परियोजना द्वारा परियोजना विकास खण्ड क्रमशः स्याल्दे, सल्ट, भिक्यासैण, चौखुटिया, हवलबाग, ताड़ीखेत, द्वाराहाट, लमगड़ा, भैसियाछाना एवं धौलादेवी में डेयरी, मसाला, सब्जी उत्पादन, मुर्गी एवं बकरी पालन, धान एवं गेहूँ उत्पादन हेतु उत्पादक समूह सदस्यों को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध करवाये गये वित्तीय सहयोग का परिणाम उत्पाद के रूप में धीरे-धीरे सामने आ रहा है। परियोजना द्वारा वर्तमान तक कुल 50 स्वायत्त सहकारिताओं/आजीविका संघों का गठन किया गया है। आजीविका संघों के माध्यम से संबंधित आच्छादित समुदाय को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्येक आजीविका संघ के कार्यक्षेत्र में एक उद्यम की स्थापना किया जाने के प्रयास चल रहे हैं।
 हवलबाग विकास खण्ड में विकास एवं प्रगति स्वायत्त सहकारिता द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आवंटित भवन (प्रसार - प्रशिक्षण केन्द्र, हवलबाग) में एक बेकरी इकाई की स्थापना प्रगति पर है, इस इकाई में मडुवे एवं स्थानीय उत्पादों के बिस्किट एवं आदि को भी तैयार करवाया जायेगा। भिक्यासैण में पूर्व से निष्प्रयोज्य साबित हो रही एक मसाला प्रसंस्करण इकाई को पुनः जीवित करने का प्रयास भी प्रगति पर है। दोनों ही उद्यमों में माह अगस्त से उत्पादन/प्रसंस्करण का कार्य आरम्भ हो जायेगा। इसी प्रकार आपणु बाजार, चौखुटिया, राम लीला मैदान, भिक्यासैण, सरस केन्द्र, नरसिंह बाड़ी, अल्मोड़ा के समीप साप्ताहिक हाट का आयोजन किया जा रहा है। जय भुमिया बाबा स्वायत्त सहकारिता, भगौती, चौखुटिया द्वारा प्रतिदिन लगभग 170 लीटर दुग्ध उत्पादन, संग्रहण एवं उक्त का आंचल को विपणन किया जा रहा है। पूर्व वित्तीय वर्ष में सहकारिता द्वारा इस गतिविधि से लगभग 1 लाख से अधिक धनराशि का लाभ अर्जित किया है। परियोजनान्तर्गत गठित स्वायत्त सहकारिताओं द्वारा जनपद में आगनबाड़ी केन्द्रों को टेक होम राशन की आपूर्ति भी की जा रही है। नारी एकता स्वायत्त सहकारिता द्वारा टेक होम राशन के अतिरिक्त रूटफ्/ऊर्जा (ready-to-use therapeutic food (RUTF)का भी सम्पूर्ण अल्मोड़ा जनपद में वितरण किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य कृषि विकास अधिकारी सुश्री प्रियंका सिंह, परियोजना के अल्मोड़ा जनपद के नोडल अधिकारी  रईस अहमद, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत एम.एल. टम्टा, समस्त विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारी/सहायक खण्ड विकास अधिकारी, उद्यान, डेयरी विकास, आंचल, वन विभाग, जिला पूर्ति एवं महिला एवं बाल विकास विभागों के अधिकारी/प्रतिनिधि उपस्थित थे ।