मौनी अमावस्या के अवसर पर कुंभ में होगी श्रद्धालुओं पर अमृत वर्षा

Publish 02-02-2019 21:34:48


मौनी अमावस्या  के अवसर पर कुंभ में होगी  श्रद्धालुओं पर अमृत वर्षा

प्रयागराज/उत्तर प्रदेश (रघुनाथ प्रसाद शास्त्री):  माघ मास के प्रथम प्रमुख स्नान माघी अमावस्या यानी मौनी अमावस्या  इस बार चार फरवरी को पड़ रहा है। ज्योतिष के जानकार रघुनाथ प्रसाद शास्त्री ने बताया माघ  मास की अमावस्या तिथि तीन फरवरी की रात ११ बजकर १२ मिनिट से लग रही है, जो कि चार फरवरी को देर रात१ बजकर १५ मिनिट तक रहेगी। इस बार मौनी अमावस्या को सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो कि लगभग पांच दशक बाद हुआ है।


संयम, समर्पण और त्याग के प्रतीक कुंभ का प्रमुख स्नान पर्व भी है।सोमवार का दिन, त्रिग्रहीय योग और नक्षत्रों की अद्भुत जुगलबंदी से कुंभ में इस दिन श्रद्धालुओं पर अमृत वर्षा होगी। तिथि विशेष पर मौन रखकर प्रयागराज त्रिवेणी संगम में डुबकी अथवा काशी में दशाश्वमेधघाट पर गंगा स्नान का विशेष माहात्म्य है। प्रयागराज के कुंभ में ब्रह्म मुहूर्त में मौन रखकर संगम में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालु सात पीढिय़ों को तारेंगे। श्री शास्त्री ने बताया कि अमावस्या तिथि रविवार रात ११ बजकर १२ पर लगकर सोमवार रात १ बजकर १५ बजे तक रहेगी। सोमवार का दिन, श्रवण नक्षत्र, सिद्धि योग के अलावा मकर राशि में सूर्य, चंद्र व बुध का संचरण होने से त्रिग्रहीय योग का संयोग बन रहा है जबकि वृश्चिक राशि में वृहस्पति का संचरण होने से कुंभ योग बन रहा है।यह दुर्लभ संयोग है इस संयोग में किसी भी नदी में स्नान करने से पापो का नाश होता है।

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