जाने पौडी गढवाल के कंडोलिया मंदिर के बारे में

Publish 13-04-2019 23:49:10


जाने पौडी गढवाल के कंडोलिया मंदिर के बारे में

कोटद्वार/गढवाल(गौरव गोदियाल) : कंडोलिया मंदिर पौड़ी शहर से 2 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर कंडोलिया देवता को समर्पित है जो स्थानीय भूमि देवता हैं।यह धार्मिक स्थान महान हिमालय की चोटियों और गंगवारस्यून घाटी का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। कंडोलिया से बुवाखल तक 4 किमी. का ट्रेकिंग का रास्ता देवदार और ओक के वृक्षों से घिरा हुआ है जो एक ताजगी देने वाला और तरोताजा करने वाला अवसर प्रदान करता है।
धार्मिक मान्यता है कि कई वर्ष पूर्व कुमाऊं की एक युवती का विवाह पौडी गांव में डुंगरियाल नेगी जाति से हुआ था । विवाह के बाद वह युवती अपने ईष्ट देवता को रिंगाल की कंडी में रखकर लाई थी । इसके बाद से कुमाऊं के इन गोल्यूजी देवता को “कंडोलिया देवता” के नाम जाना जाने लगा और उनकी पूजा पौडी गांव में भी शुरू कर दी गई । मान्यता है कि बाद में देवता गांव के ही एक व्यक्ति के स्वप्न में आए और आदेशित किया कि मेरा स्थान किसी उच्च स्थान पर बनाया जाए । इसके बाद कंडोलिया देवता को पौडी शहर से ऊपर स्थित पहाडी पर स्थापित किया गया । स्थापना के बाद से ही कंडोलिया मंदिर न्याय देवता के रूप में प्रसिद्ध हो गए । वर्ष 1989 में पौडी गांव निवासी पद्मेंद्र सिंह नेगी, पृथ्वी पाल सिंह चौहान एवं सुरेंद्र नैथानी ने कंडोलिया देवता के मंदिर में विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने की परंपरा शुरू की, तब से हर साल यहां तीन दिवसीय पूजा-अर्चना होती है । इस तीन दिवसीय आयोजन में यहां सैकडों श्रद्धालु मनौतियां मांगने आते हैं , तो कई मनौतियां पूर्ण होने पर घंटा , छत्र आदि चढाते हैं ।

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