जाने नवरात्र का मुहूर्त और कब प्रारंभ होंगे नवरात्र

Publish 29-03-2019 22:28:03


जाने नवरात्र का मुहूर्त और कब प्रारंभ होंगे नवरात्र

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश( रघुनाथ प्रसाद शास्त्री): मां के नौ रूपों की उपासना का पर्व शुरू होने वाला है। इस साल चैत्र नवरात्र 6 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। नवमी तिथि 14 अप्रैल को है।  इन नौ दिनों में मां की  नौ रुपों की पूजा की जाती है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना अच्छा रहता है।  यूं तो साल में दो बार नवरात्र आते हैं लेकिन दोनों ही नवरात्र का महत्व और पूजा विधि अलग है। इस बार कहा जा रहा है कि पांच सर्वार्थ सिद्धि, दो रवि योग और रवि पुष्य योग का संयोग बन रहा है। इस बार यह भी कहा जा रहा है कि इस बार नवमी भी दो दिन मनाई जायेगी।

कलश स्थापाना का शुभ मुहूर्त
6 अप्रलै के दिन में 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट के बीच अभिजीत मुहूर्त है। एक बात यह है कि इस समय कर्क लग्न है। यह चर राशि है। अतः कलश स्थापना का बहुत शुभ मुहूर्त नहीं माना जा सकता है। अतः प्रातः 06 बजकर 09 मिनट से 10 बजकर 21 मिनट तक कलश स्थापना का सबसे श्रेष्ठ मुहुर्त है। इसके पीछे कारण यह है कि इस समय द्विस्वभाव मीन लग्न रहेगा।

ज्योतिष के जानकार रघुनाथ प्रसाद शास्त्री ने पूजा विधि के बारे में बताया किस प्रकार से पूजा करें।वेदी पर या समीप के ही पवित्र स्थान पर पृथ्वी का पूजन कर वहां सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का कलश स्थापित करें।  इसके बाद कलश में आम के हरे पत्ते, दूर्वा, पंचामृत डालकर उसके मुंह पर सूत्र बांधें। कलश स्थापना के बाद गणेश पूजन करें।  इसके बाद वेदी के किनारे पर देवी की किसी धातु, पाषाण, मिट्टी व चित्रमय मूर्ति को विधि-विधान से विराजमान करें।  तत्पश्चात मूर्ति का आसन, पाद्य, अर्द्ध, आचमय, स्नान, वस्त्र, गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन, पुष्पांजलि, नमस्कार, प्रार्थना आदि से पूजन करें।  इसके पश्चात दुर्गा सप्तशती का पाठ दुर्गा स्तुति करें। पाठ स्तुति करने के बाद दुर्गाजी की आरती करके प्रसाद वितरित करें। इसके बाद कन्या भोजन कराएं फिर स्वयं फलाहार ग्रहण करें।

जानें किस दिन होगी किस देवी की पूजा
प्रथम नवरात्र 6 अप्रैल शनिवार को : घट स्थापन व मां शैलपुत्री पूजा,  मां ब्रह्मचारिणी पूजा
द्वितीय  नवरात्र 7 अप्रैल रविवार को :  मां चंद्रघंटा पूजा
तृतीय नवरात्र 8 अप्रैल सोमवार को :  मां कुष्मांडा पूजा
चतुर्थ नवरात्र 9 अप्रैल मंगलवार को :  मां स्कंदमाता पूजा
पंचम नवरात्र 10 अप्रैल बुधवार को : पंचमी तिथि सरस्वती आह्वाहन
छष्ठ नवरात्र 11 अप्रैल वीरवार को:  मां कात्यायनी पूजा
सप्तम नवरात्र 12 अप्रैल शनिवार को:  मां कालरात्रि पूजा
नवमी 14 अप्रैल रविवार को : मां महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी, महानवमी

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