ब्राह्मण महासभा की कार्यकारिणी का गठन आचार्य अनुरोध सेमवाल बने महासचिव तो वरिष्ठ पत्रकार अवनीश अग्निहोत्री को मिला सचिव का दायित्व

Publish 13-01-19 19:30


ब्राह्मण महासभा की कार्यकारिणी का गठन आचार्य अनुरोध सेमवाल बने महासचिव तो वरिष्ठ पत्रकार अवनीश अग्निहोत्री को मिला सचिव का दायित्व

ब्राह्मण महासभा की नवीन कार्यकारिणी का हुआ गठन। देश भर में ब्राह्मणों के हित मे कार्य करेगी महासभा
कोटद्वार/गढ़वाल :
देवभूमी उत्तराखण्ड के पौड़ी जनपद के कोटद्वार नगर में रविवार को ब्राह्मण महासभा की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें ब्राह्मण महासभा की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आचार्य अनुरोध सेमवाल ने कहा की इस वर्ष महासभा के गठन के साथ इसका अत्यधिक विस्तार भी किया जा रहा है क्योकि पिछले कई वर्षों से हिंदू समाज और सनातन धर्म पर लगातार प्रहार हो रहे हैं। यह हमले मठ, मंदिरों और सनातन संस्कृति की लाखो वर्ष प्राचीन परंपरा को खत्म करने के लिए किये जा रहे हैं। सनातन धर्म की कर्मकांड परंपरा को एक ढोंग ढखोसला बताकर बदनाम करने का षडयंत्र भी प्रतिदिन चल रहा है। कुछ लोगों द्वारा षड्यंत्रकारीयों का साथ जाने अनजाने में या कहें कि जानबूझकर दिया जा रहा है। बैठक में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा की विधर्मी लोग सनातन परंपरा को खत्म कर अपने द्वारा स्थापित गैर सनातन परंपरा को शुरू करना चाहते है। हम सब ब्राह्मण सनातन धर्म के प्रारंभ से धर्म ध्वजा लेकर चल रहे हैं।


हम सब का नैतिक दायित्व है कि सभी ब्राह्मण महासभा के जरिए एकजुट होकर ऐसे षड्यंत्रों को विफल करें जो सनातन धर्म को नष्ट कर भारत को नष्ट करना चाहते हैं। सनातन धर्म भारत की आत्मा है और अगर आत्मा मर गई तो राष्ट्र के लिए बहुत नुकसानदायक होगा। इस दौरान ब्राह्मण महासभा की नवीन कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। जिसमे सर्वसहमति से राधेश्याम कुकरेती को अध्यक्ष, डॉ कुलदीप पंत को कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ललित थपलियाल, महासचिव आचार्य अनुरोध सेमवाल, सचिव अवनीश अग्निहोत्री, सह सचिव मुकेश सुन्द्रियाल, सह सचिव संतोष भारद्वाज, सह सचिव संजय नवानी, कोषाध्यक्ष वीरेंद कंडवाल, मीडिया प्रभारी सुनील बलूनी, दुर्गेश धसमाना, देवेश घसमाना, दिनेश बौठियाल, संरक्षक मंडल में आचार्य अनुसुया प्रसाद सेमवाल, सदस्य मुकेश नौटियाल व अनिल कंडवाल बनाये गये। महासभा के सह सचिव मुकेश सुन्द्रियाल ने कहा कि यह सभा पहली सभा होगी जो उत्तराखण्ड से बनकर पूरे राष्ट्र में बनेगी ओर कार्य करेगी। साथ ही कहा कि महासभा का विस्तार अपने प्रदेश या जिले में करने के लिए कोई भी सम्पर्क कर सकता है।


वही महासभा के अध्यक्ष राधे श्याम कुकरेती ने कहा सम्पूर्ण समाज को साथ लेकर चला जायेगा और कार्यकारिणी का जल्द विस्तार कर आगे के कार्यक्रम तय किये जायेगें। कार्यक्रम में पण्डित कैलाश धुलिया, हरिकृष्ण शर्मा, सुरेश चंद्र, जीवानन्द शर्मा, राजेन्द्र प्रसाद, योगेश रतूड़ी, विपिन लखेड़ा, अशोक बलोधी, रोशन नोटियाल, देवेश चन्द्र, सुरेश कोठारी, सुरेशानन्द देवली, भाष्कर राज भारद्वाज,संजय थपलियाल, संतोष भरद्वाज, वीरेंद्र प्रसाद बहुगुणा, दिवाकर धुलिया, अनुराग सेमवाल, ललित प्रसाद थपलियाल, प्रदीप जखमोला, सुरेंद्र प्रसाद बिल्जवान, बसन्त घिल्डियाल, सुरेश कोटनाला, विनोद तिवारी, अजय डोबरियाल, गजेंद्र ममगाई, मनोज बुडाकोटी, विनोद राय, उमाकांत थपलियाल, अनिल घनसेला, विकल्प पाथरी, पवन सुंदरियाल आदि मौजूद रहे।

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