भगवान तुंगनाथ की पूजा कर विधायक महेंद्र भट्ट ने मांगी क्षेत्र व प्रदेश की सुख-समृद्धि, भगवान तुंगनाथ की डोली पहुंची जौरासी

Publish 24-01-2019 23:20:31


भगवान तुंगनाथ की पूजा कर विधायक महेंद्र भट्ट ने मांगी क्षेत्र व प्रदेश की सुख-समृद्धि,  भगवान तुंगनाथ की डोली पहुंची जौरासी

 चमोली(संतोष): भगवान तुंगनाथ किमोठा   गांव में पूजा अर्चना तथा गांव भ्रमण  के बाद  तृतीय केदार भगवान  तुंगनाथ की डोली रात्रि विश्राम  के लिये जौरासी  गांव   पहुंची जहां     ग्रामीणों ने गाजे बाजे और फूल मालाओं के साथ तृतीय  केदार भगवान तुंगनाथ की डोली का स्वागत  किया और मनौतिया मांगी   दो दिनों से बर्फबारी व  कड़ाके की ठंड के  बाद भी  गजब का उत्साह बना हुआ है वहीं तुंगनाथ के दर्शनों हेतु क्षेत्र मे श्रृद्धालुओं का ताता लगा हुआ है। विदित है कि 17 वर्षो बाद 28 दिसम्बर  को तुंगनाथ की दिवारा यात्रा शुरु हुई थी और अखोडी, भणज ,मचकण्डी ,मोहनखाल होते हुये तीसजूला के गांवों में  भगवान  तुंगनाथ की डोली कलसीर  ,  डाडौ,   नौली,  नैल  ,कुलेन्डू  सिदेली ,आमणीदार,  गुडम ,  मसोली ,  पाटी, जखमाला, सलना, देवनगर, तोणजी, किमोठा होते हुये रात्रि विश्राम के लिये  जौरासी  पहुंची जहां  शाम को पुरोहितो द्वारा  तुंगनाथ  भगवान  की पूजा अर्चना कर भोग लगाया गया उसके बाद भगवान शिव को आरती कर  ग्रामीणों द्वारा मनौतीया मांगी गयी।   


भगवान तुंगनाथ की डोली के दर्शनों के लिए बद्रीनाथ विधानसभा  के विधायक महेंद्र भट्ट  भी किमोठा पहुंचे   पूजा अर्चना कर  क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए मनौती मांगी उन्होंने कहा तुंगनाथ भगवान की कृपा से यह क्षेत्र सुख-समृद्धि है  किमोठा  गांव में भ्रमण  कर भगवान  तुंगनाथ ने ग्रामीणों को  आशीष  दिया और रात्रि विश्राम  के लिये डोली जौरासी  के लिये रवाना हुई  ग्रामीणों ने नम आंखों  से भगवान तुंगनाथ की  डोली को विदाई  दी । इस अवसर पर  देवरा मन्दिर समिति  के अध्यक्ष  भूपेन्द्र मैठाणी ने  कहा  कड़ाके की ठंड के बाद तुंगनाथ भगवान की   डोली के प्रति जो  अटूट आस्था है।  इसकी जितनी सराहना की जाय कम है। प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित ने कहा गांवों जो व्यवस्थायें कियी है सभी दिवारी इससे गदगद है इस अवसर पर  कुल पुरोहित  लम्बोदर प्रसाद मैठाणी,  चन्द्रसिंह  , सन्दीप    सतेंद्रसिह ,   विधायक प्रतिनिधि गजपाल,    राजबरसिंह,  अजीत वर्त्वाल   प्रकाशसिंह ,  किसानसिंह, बीरेंद्रसिंह  , भगतसिंह,  संजय किमोठी   , सुबोध   मधुसूदन सहित समस्त ग्रामीण मौजूद थे
भगवान तुंगनाथ क्यों प्रसिद्ध है
तुंगनाथ उत्तराखण्ड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित  है तुंगनाथ पर्वत पर स्थित है तुंगनाथ मंदिर, जो 3460 मीटर की ऊँचाई पर बना हुआ है और पंच केदारों में सबसे ऊँचाई पर स्थित है। यह मंदिर १,००० वर्ष पुराना माना जाता है और यहाँ भगवान शिव की पंच केदारों में से एक के रूप में पूजा होती है। ऐसा माना जाता है की इस मंदिर का निर्माण पाण्डवों द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया गया था, जो कुरुक्षेत्र में हुए नरसंहार के कारण पाण्डवों से रुष्ट थे। तुंगनाथ की चोटी तीन धाराओं का स्रोत है, जिनसे अक्षकामिनी नदी बनती है। मंदिर चोपता से तीन किलोमीटर दूर स्थित है।आज भी शिव भक्तों की अटूट आस्था है।

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