वैदिक मंत्रोच्चार के बाद खुले आदिबद्री मंदिर के कपाट

Publish 14-01-2019 18:08:58


वैदिक मंत्रोच्चार के बाद खुले आदिबद्री मंदिर के कपाट

कर्णप्रयाग/ चमोली(दीपक)। मकर संक्रांति पर सोमवार को ब्रह्म मुहुर्त में साढे चार बजे आदिबद्री मंदिर के वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये है। कपाटोदघाटन के साथ ही यहां सात दिवसीय महाभिषेक समारोह और शीतकालीन पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेला भी शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि पौष माह पर एक महिने आदिबद्री मंदिर के कपाट बंद रहते है। जो मकर संक्रांति के दिन आम लोगों के लिए खोल दिये जाते है। कपाटोदघाटन पर मंदिर को गेंदो के फूलो से सजाया गया था। कपाटोद्घाटन के अवसर पर सैकडों श्रद्धालुओं ने भगवान नारायण के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों ने भगवान विष्णु के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी और महासचिव गैणा सिंह ने बताया कि कपाट खुलने पर आयोजित महाभिषेक समारोह में पहली बार मंदिर परिसर में गणेश पुराण का आयोजन किया जा रहा है। व्यास आचार्य प्रशांत डिमरी गणेश पुराण कथा का श्रवण करेंगे।

ये है कार्यक्रम
15 को मंदिर में पंचाग पूजा व स्वण् भगवती प्रसाद नवानी की स्मृति में बच्चों की क्विज प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिताएं।
16 को भुवनेश्वरी महिला आश्रम की ओर से बाल पंचायतों के धार्मिक लोकगीत व लोकनृत्य प्रतियोगिताएं मंदिर समिति के माध्यम से बच्चों की धार्मिक चित्रकला प्रतियोगिता।
17 को स्थानीय ममद व युवक मंगल दलों के लोकगीत. लोकनृत्य की सांस्कृतिक कार्यक्रम।
18 को स्थानीय शिक्षण संस्थाओं की लोक संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिताएं।
19 को बदरीश मंडली के कीर्तन।
20 को जलकलश यात्राए और गणेश पुराण के समापन किया जाएगा।

 

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