" सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है"

Publish 15-02-2019 23:27:03


" सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है"

सुनो मेरे देशवासियों मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है,
 मेरी प्यारी जाँबाज़, दिलेर, महावीर सेना मेरे दिल की हर इक धड़कन में बस्ती है,
हमारी सेना की आन-बान और शान है निराली, ये सोने का दिल और लोहे के हाथ वाले सैनिकों से सदा सजी-धजी रहती  है,
 भारत माता की फ़ौज अपने
तिरंगे,देशवासी,नदी,नाले,पहाड़,ख़ाइयाँ,जंगल,गाँव,
शहर,झरने,नदी,समुंदर,सरहदें,सभी को सदा अपने दिल में बसा रखती है,
 हमारी प्यारी फ़ौज तिरंगे, देशवासियों, और अपने वतन की पवन मिट्टी की सुरक्षा में दिन रात लगी रहती है,
 सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है,

हमारी फ़ौज है निराली ये भारत माता और तिरंगे की आन बान और शान की ख़ातिर जान लेने और देने के लिए सदा उग्र रहती है,
हमारे तिरंगे और भारत माता की आन-बान और शान सदा बनी रहे इसी के लिए,हमारी फ़ौज सदा डटी रहती है,
सर्दी,गर्मी,तूफान हो या बरसात हमारी फौज निडर होकर हर परिस्थी का सामना बेख़ोफ़ करती है,
 सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है,

मेरे देशवासियों अपनी प्यारी फौज के सैनिकों की दिल की धड़कनो की
आवाज़ भी कभी तुम सुनो जो अपने लिए नहीं सिर्फ़ अपने देश की सुरक्षा के लिए ही धड़कती है!
सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है।

अरे देशवासियों कभी अपनी सेना के विषय में भी सोचो जो अपने महावीर सैनिकों से सदा लैस लौह की चट्टान बनी तुम्हारी हिफ़ाज़त करती है!
मेरे देशवासीओं सदा अपनी फ़ौज पर शान से फ़र्क औरे नाज़ तुम करो,
वो अपने लिए नहीं सदा तुम्हारी ज़िंदा खुशियों के लिए सरहदों पर तैनात सतर्क प्रहरी बनी रहती है!
हिंदुस्तानियों अपनी जाँबाज़ फ़ौज को पहचानो जो अपने जुनून और लखते जिगर से सिर्फ़ तुम्हारी ही हिफ़ाज़त में दीवानों की तरह दिन रात लगी रहती है,
हर हिन्दुस्तानी सदा सुख-चैन से जिए इसीलिए फ़ौज दिन-रात चौकस होकर हिन्दुस्तान की सरहदों को चारों तरफ से चट्टान की तरह घेरे रहती है,
खबरदार कोई भारत माता पर बुरी नज़र ना डाले हमरी सेना गर प्रकोप में आए तो दुश्मनों के छक्के छूटा उन्हें लोहे के चने छबवा देती है,
 जब-जब युद्ध हुआ है हमारा इक-इक सैनिक कई हज़ार के बराबर सिद्ध हुआ है, यह मैं नहीं इतिहास की सभी किताबें कहती हैं,
 भारत माता की मिट्टी है निराली इसे किसान जल से और हमारी फ़ौज सदा अपने लहू से सींचा करती है!
सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है,

मैं ज़िंदा खुश रहूं और मेरी ही ज़िंदा खुशियों के लिए सेना युद्ध में अपने जाँबाज़ सैनिकों को खो देती है!
अरे तेरी सेना कोई खिलोना नहीं वो
जोशीले,जाँबाज़,दमदार,दिलेर,ज़िंदा ऑर ज़िंदादिल सैनिकों से बनी है यह मुझे मेरे हर दिल की धड़कन रोज़ कहती है,
 अरे तूने सोचा है कभी ,तुम्हारी पावन माँ की ही तरह और इक पावन माँ इक फ़ौजी को जनम देती है,
हर रोज़ उस पावन माँ को अपने सच्चे दिल से सलाम तू कर,जो तुम्हारी सुरक्षा की ही ख़ातिर अपने जिगर के टुकड़े को भारत माता की फ़ौज में बेखौफ़ भेजती है!
अरे सुन तेरी ही तरह तेरी फ़ौज के हर इक सैनिक में गर्म साँसे और गर्म ख़ून बहता है यह मेरी हर गर्म साँस, मेरी हर रग में बहता गर्म ख़ून और मेरे दिल में धड़कती हर धड़कन रोज़ मुझसे कहती है,
सुनो मेरे दिल की हर इक धड़कन क्या कहती है।

 मैं अपने इस जीवन मैं चाहे इक फ़ौजी नहीं मगर मेरी रग-रग,मेरे ख़ून के हर इक कतरे, मेरी हर इक साँस में भारत की सेना ही बस्ती है,
 मेरी हर इक साँस, दिल की हर इक धड़कन भारत माता के हर फ़ौजी और उसकी पावन माँ को रोज़ सलाम करती है,
मुझे पागल कहो या दीवाना मुझे गम नहीं,मुझे रोज़ अपने सपनों में अपनी भारत माता की फ़ौज ही दिखती है !
मैं अपने जीवन में अपनी सेना के लिए कुछ कर सकूँ मेरे ख़ून का हर इक कतरा,मेरी दिल की हर इक धड़कन,मेरी हर साँस बस मुझसे यही कहती है,
 मेरी प्यारी भारतीय सेना और उसका हर सैनिक जिए हज़ारों साल मेरी हर
प्रार्थना रोज़ भगवान,कुद्रत,ईश्वर,रब्ब,उस उपर वाले से बस यही कहती है !

भारत माता की जय !
जय हिंद !

कृत रातुल शर्मा(कुँवर)

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