स्वरोजगार, पलायन रोकने व दुरुस्थ गाँवो के विकास लिए करूंगा कार्य - बीरेन्द्र जुयाल

Publish 31-01-2019 23:38:53


स्वरोजगार, पलायन रोकने व दुरुस्थ गाँवो के विकास लिए करूंगा कार्य - बीरेन्द्र जुयाल

गढ़वाल लोकसभा सीट से भाजपा नेता बीरेन्द्र जुयाल ने की दावेदारी , चिपको आन्दोलन की जननी गौरा देवी के गाँव रैणी पहुंचे बीरेन्द्र

गढ़वाल (अवनीश): देवभूमि उत्तराखण्ड की पौड़ी लोकसभा सीट हमेशा से ही हॉट सीट रही है. पौड़ी लोकसभा सीट से जहाँ दिग्गज नेता चुनाव जीतकर गये है तो वहीं वर्तमान में पौड़ी लोकसभा सीट से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री मेजर जनरल भुवनचंद्र खंडूड़ी सांसद है. पौड़ी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सहयोग के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक बीरेन्द्र जुयाल ने भी अपनी दावेदारी कर दी है. बीरेन्द्र जुयाल की दावेदारी से जहाँ भाजपा के नेताओ में भी खलबली मची हुई है. आपको बट्टे चले कि बीरेन्द्र जुयालपौड़ी लोकसभा क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रो में लगातार जन सम्पर्क करते हुए नजर आ रहे है. पौड़ी लोकसभा क्षेत्र के दुरुस्त गाँवो में बीरेन्द्र जुयाल को आजकल देखा जा रहा है और उन्हें लोगो का जन समर्थन भी मिल रहा है. उत्तराखंड निर्माण आन्दोलन में भी अहम् भूमिका निभाई थी और साथ ही उत्तराखंड निर्माण आन्दोलन को लेकर सन् 1978 में एक सप्ताह के लिए तिहाड़ भी गये थे.

दूरस्थ गाँवो से करेगे विकास कार्य प्रारम्भ - बीरेन्द्र जुयाल
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बीरेन्द्र जुयाल ने बताया कि गढ़वाल लोकसभा से भाजपा के सांसद बनते है तो गढ़वाल लोकसभा के दूरस्थ गाँवो से बहेगी विकास की बयार. बीरेन्द्र जुयाल ने साथ हि कहा कि गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के लोगो का उन्हें भरपूर प्यार व जनसमर्थन मिल रहा है. बीरेन्द्र जुयाल ने कहा कि उनके लोकसभा भ्रमण के दौरान वह दूरस्थ गाँवो में पहुँच रहे है.

गौरा देवी के गाँव पहुंचे बीरेन्द्र जुयाल
गढ़वाल लोकसभा भ्रमण के दौरान गढ़वाल के दूरस्थ गाँव व चिपको आन्दोलन की जननी स्वर्गीय गौरा देवी के गाँव में पहुंचे और वहां पर गौर देवी के पुत्र व पुरे गाँव रैणी में उनका स्वागत किया. बीरेन्द्र जुयाल ने बताया कि गौरा देवी ने चिपको आन्दोलन कर पहाड़ को बचाया था. उनके आशीर्वाद से हम पहाड़ के विकास एवं स्वरोजगार के लिए कार्य करेगे. और प्रधानमंत्री मोदी जी के सपनों को साकार करेगे.

पलायन रोकने के लिए कार्य करूंगा - बीरेन्द्र जुयाल
गढ़वाल लोकसभा से भाजपा के प्रमुख दावेदार बीरेन्द्र जुयाल ने बताया कि उनकी प्राथमिकता यही होगी कि सबसे पहले वह क्षेत्र से पलायन रोकने का कार्य करेगे और भगौलिक स्थिति के आधार पर स्वरोजगार , रोजगार रोकने का कार्य किया जाएगा. और क्षेत्र में शिक्षा और चिकित्सा के लिए कार्य किया जाएगा.जिससे पहाड़ो में पलायन रुक सके. पलायन रोकने के लिए कारगर निति बनायी जायेगी. क्षेत्र के युवाओ को रोजगार मुहैया हो सके इसके लिए ठोस निति बनायेगे.


इन इन दायित्वों पर रहे बीरेन्द्र जुयाल
गढ़वाल लोकसभा सीट से भाजपा के प्रमुख दावेदारों में गिने जाने वाले बीरेन्द्र जुयाल भारतीय जनता पार्टी सहयोग के सन् 2002 से 2004 तक राष्ट्रीय सह संयोजक के पद पर रहे तो वहीँ सन 2004 से 2007 तक भाजपा सहयोग के राष्ट्रीय संयोजक के पद रहे. भाजपा नेता बीरेन्द्र जुयाल ने बताया कि वह सन् 2005 से 2009 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे है. बीरेन्द्र जुयाल भाजपा के विभिन्न पदों पर रहते हुए कार्य किया जिनमे से भाजपा उत्तरांचल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रहना और दिल्ली प्रदेश भाजपा में प्रदेश मंत्री के दायित्व को निर्वाह करना भी रहा. बीरेन्द्र जुयाल अपनी साफ़ स्वच्छ व ईमानदार छवि के चलते 2014 लोकसभा चुनाव में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव प्रवास प्रमुख के पद पर भी निष्ठां पूर्वक काम किया. साथ ही भारतीय जनता पार्टी के गंगा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह संयोजक के पद पर भी रहे.
बीरेन्द्र जुयाल ने विशेष रूप से भाजपा में इन दायित्वों का किया सफल निर्वाह
वर्ष 2004 में देश में आई विनाशाकरी सुनामी से रहत के लिए भाजपा सुनामी आपदा रहत कोष के केंद्रीय कण्ट्रोल रूम की जिम्मेदारी निभाना .  वर्ष 2002 में भाजपा सहयोग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह – संयोजक बने .  वर्ष 2002 में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जना कृष्णमूर्तिजी के के आदेश से मुंबई महानगर पालिका के चुनाव में २ उत्तराखंड बाहुल्य सीटो का प्रचार किया और दोनों सीटो पर उम्मीदवार विजयी हुए. 2005  से 2009 तक भारतीय जनता पार्टी उत्तरांचल प्रदेश से भाजपा राष्ट्रीय परिषद् सदस्य बनाये गये .  2004 से 2007 तक “भाजपा सहयोग” के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी निभाई .  वर्ष 1995 से 2014 तक भाजपा दिल्ली प्रदेश के कार्यसमिति सदस्य के रूप में कार्य करते हुए उत्तराखंड वासियों का नेतृत्व किया .  

बीरेन्द्र जुयाल ने उत्तराखंड के शहीदों पर इन पुस्तको का किया प्रकाशन
1998 से 2000 तक  उत्तरांचल आन्दोलन पर पुस्तक ‘उत्तरांचल और हिमनद संघ” तथा कारगिल युद्ध के पश्चात् उत्तरांचल के 126 जाबांज  शहीदों पर सचित्र पुस्तक “उत्तराचल के अमर सपूत – ऑपरेशन विजय 1999” को प्रकाशित किया. दोनों पुस्तकों का विमोचन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के  सरसंघसंचालक के.सी.के कर कमलो द्वारा किया गया . यह दोनों पुस्तके उत्तरांचल के शहीदों को समर्पित की गयी

हिमनद संघ से लोगो को जोड़ कर उत्तराखंड निर्माण एवं देश सेवा के लिए बीरेन्द्र ने किया था कार्य शुरू
बीरेन्द्र जुयाल ने वर्ष 1995 में हिमनद संघ ने दिल्ली के प्रत्येक उत्तरांचली बाहुल्य क्षेत्रो में जा जाकर लोगो को आन्दोलन से जोड़ना शुरू किया, दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रो में नुक्कड़ सभाए. गोष्ठिया होनी प्रारंभ हुई एवं प्रत्येक दिवस पर जन्तर मन्तर पर रैलियां निकली गयी .  मार्च 1998 में भाजपा की केंद्र सरकार  बनी एवं श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने अपनी सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर उत्तरांचल राज्य बनाने की घोषणा की, जिसके 100 दिन पुरे होने पर, 19,जून 1998 को हिमनद संघ ने संसद के सामने एक विशाल शंखनाद रैली कर श्री अटल बिहारी जी स्मरण कराया कि उनके वायदे के मुताबिक सौ दिन पुरे हो चुके है और अभी उत्तरांचल राज्य नही बना .   इस विशाल रैली को “स्मरण रैली” का नाम दिया गया .  


वहीँ 18 जून 1999 को सम्पूर्ण राष्ट्र जिस समय विश्व कप क्रिकेट का आनंद ले रहा था उस समय हिमनद संघ के सैकड़ो कार्यकरता युद्ध में जूझ रहे अपने भारतीय सैनिको का मनोबल बढ़ने के लिए दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट से जन्तर मन्तर तक पैदल मार्च कर रहे थे .   ये कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे “कारगिल में जवानों आगे बढ़ो – देश तुम्हारे साथ है” पैदल मार्च की समाप्ति पर जन्तर मन्तर में पाकिस्तान का झंडा जलाया गया .  उत्तरांचल राज्य शीघ्र बने इसके लिए कार्यकर्ता हिमनद संघ के रिटायर्ड आर्मी ऑफिसरो के साथ, रिटायर्ड आई. ए. एस. अधिकारियों के साथ समय – समय पर भाजपा एवं राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के केंद्रीय नेताओ पर अपना दवाब बनाते रहे .   उत्तरांचल राज्य का निर्माण शीघ्र हो इसके लिए हिमनद संघ ने लोकसभा एवं राज्यसभा के सभी माननीय सांसदों को व्यक्तिगत मिलकर एवं विनती भरा पत्र देकर उनसे लोकसभा में अपना मत शीघ्र उत्तरांचल राज्य निर्माण के लिए देने की प्रार्थना की .  09 नवम्बर 2000 को हिमनद संघ एवं सभी एनी संघठनो का प्रयास फलीभूत हुआ, उत्तरांचल राज्य का निर्माण हुआ . उत्तरांचल राज्य निर्माण की घोषणा के शीघ्र पश्चात् हिमनद संघ का एक प्रतिनिधि मंडल संघ के संरक्षक श्री बिरेन्द्र जुयाल के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्री श्री लाल कृष्ण अडवाणी जी से मिला .   श्री अडवानी जी से नूतन उत्तरांचल राज्य को विशेष राज्य देने की प्रार्थना की गयी .   अडवानी जी द्वारा हमारी यह प्रार्थना स्वीकार की गयी एवं राज्य निर्माण के 06 माह पश्चात् ही उत्तरांचल राज्य को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त हो गया .   

बीरेन्द्र जुयाल ने उत्तरकाशी में आये भूकम्प में लोगो की मदद के लिए राहत कार्य किये
20 अक्टूबर 1991 रात्रि को उत्तरकाशी में आये भूकंप में दिल्ली से हर संभव मदद करवाना एवं भूकम्प के दौरान एक माह तक उत्तरकाशी भूकंप पीड़ित क्षेत्रो में जाकर राहत कार्यो में भाग लेना .   12 अगस्त 1998 को उखीमठ एवं गुप्तकाशी क्षेत्र में हुए विनाशकारी भूस्खलन वाले स्थानों सबसे पहले जाकर सहायता की राशी एवं राहत सामग्री पहुचना .   तिन महीने तक हिमनद संघ की समस्त कार्यकारिणी सर्वश्री सादर सिंह भण्डारी, मॉल सिंह रावत, सुनीता सेमवाल, शिव प्रसाद पुरोहित, अनिल गुंसाई, वी.एल.ढौंडियाल, अनिल रावत,विजय प्रकाश जुयाल, विनोद नौगाई, उम्मेद सिंह नेगी, पुरन चाँद जोशी, देवेन्द्र जोशी, डॉ. भुवन चन्द लोहनी, लक्ष्मण सिंह रौथाण, महेश पन्त, सत प्रकाश गौड़, दिलबर सिंह वर्तवल, दीपक डंडरियाल, वीरेन्द्र रावत, वी. एस. भण्डारी, केसर सिंह रावत, वीर सिंह पंवार, केदार सिंह चौहान, भरत सिंह नेगी एवं सुरेन्द्र ढौंडियाल के साथ भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रो में रहकर पीड़ित परिवारों की राशन, कम्बल तिरपाल, बर्तन आदि से हर प्रकार की मदद करना . 28 मार्च 1999 को चमोली भूकंप के समय सबसे पहले चमोली पहुच कर वहा के लोगो का दुःख दर्द बांटना एवं भूकंप प्रभवित दूर – दराज के क्षत्रो में जाकर तिरपाल, कम्बल, राशन आदि सहायता सामान पीड़ित परिवारों को पहुचना .  

बीरेन्द्र ने श्रीनगर में कराया वृद्ध आश्रम का निर्माण
पेशावर गोली कांड के नायक स्वर्गीय श्री चन्द्र सिंह गढवाली जी के नाम पर दिल्ली के मुख्या मार्गो एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का प्रशासन से नामकरण करवा के उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना . वर्ष 2001 में चिपको आन्दोलन की जननी स्व. श्रीमती गौरा देवी की पुण्य तिथि पर प्रथम बार भारत के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अनंत कुमार द्वारा सप्रू मार्ग, नई दिल्ली में वृक्षारोपण करवाना, अब हर साल दिल्ली के विभिन्न स्थानों में वृक्षारोपण कर आयोजित किया जाता है .   कार्यक्रम में स्वर्गीय गौरा देवी की सुपुत्र श्री चन्द्र सिंह भी उपस्तिथ रहे . श्रीनगर सुमाडी मोटर मार्ग पर वलोदी गाँव के समीप अपने भाई एवं बंधुओ के साथ मिलकर वृद्ध आश्रम का निर्माण करना .  मंडावली क्षेत्र दिल्ली में 30 वर्ष पुराने श्री बदरीनाथ मंदिर का भाव्यकरण करवाना एवं 13 वर्षो से वहां पर निरंतर प्रतिवर्ष विशाल भागवत कथा करवाना .  वर्ष 2009 लोकसभा चुनाव में श्री अरुण जेटली जी के साथ माननीय नेताओ के प्रवास एवं एविएशन का जिम्मा संभालना .  वर्ष 2009 में पुनः दिल्ली प्रदेश भाजपा का मंत्री बनना .  वर्ष 2013 भारतीय जनता पार्टी गंगा सेल का राष्ट्रीय सह-संयोजक का जिम्मा .  16 जून 2013 की श्री केदारनाथ त्रासदी से राहत हेतु भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी निभाना .  
2014 लोकसभा चुनाव में बीरेन्द्र ने निभायी अहम भूमिका
वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रवास कार्यक्रम प्रमुख एवं गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल आदि प्रदेशो में केंद्रीय नेताओ के प्रवास की जिमीदारी निभाना . वर्ष 2016, 2017, 2018 अपनी पत्रिक गाँव कड़ाकोट में जून माह में भव्य दस दिवसीय धार्मिक आयोजन करवाना, जिसमे पहली बार 35 गाँव दूसरी बार 50 गाँव और 2018 वाले कार्यक्रम में 100 गांवो को कार्यक्रम से जोड़ना . बीरेन्द्र जुयाल को  नेता श्रद्धेय श्री अटल बिहारी बाजपेयी, श्री लाल कृष्ण अडवानी, श्री मुरली मनोहर जोशी, श्री कुशाभाऊ ठाकरे, श्री जना कृष्णमूर्ति, श्री वंगारू लक्ष्मण, श्री राजनाथ सिंह, श्री एम. वेंकैया नायडू एवं श्री नितिन गडकरी सभी भाजपा के  राष्ट्रीय अध्यक्षो के साथ संगठन कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है .  

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