नम आँखों से दी शहीद अजीत कुमार आजाद को विदाई

Publish 16-02-2019 23:41:35


नम आँखों से दी शहीद अजीत कुमार आजाद को विदाई

शहीद अजीत कुमार आजाद के पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया
उन्नाव /उत्तर प्रदेश (रघुनाथ प्रसाद शास्त्री):  उत्तर प्रदेश उन्नाव जनपद के शहीद अजीत कुमार आजद के पार्थिव शरीर के साथ कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक,कैबिनेट मंत्री  निरंजन ज्योति, सांसद साक्षी महाराज,सांसद अशोक बाजपेयी, सदर विधायक पंकज गुप्ता, सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर, अनिल सिंह, ब्रजेश रावत, उपेन्द्र रावत, सुनील सिंह साजन, आइजी एसके भगत, डीआइजी हरीश कुमार, डीआइजी रेंज आरएस चैहान, जिलाधकारी देवेन्द्र कुमार पांडेय, उपजिलाधिकारी बीएन यादव, सीडीओ प्रेम रंजन, एएसपी राकेश कुमार, सीओ सिटी उमेश चन्द्र त्यागी समेत अन्य प्रशासनिक सभी अधिकारी नगर के बालूघाट अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे


मम्मा यह सब कौन हैं पापा कहां गए
शहीद आजाद की 5 साल की बेटी श्रेया और 8 साल की बेटी निशा को तो अभी यह पता ही नहीं कि उसके पिता देश के लिए शहादत हो चुके हैं इतने सारे लोगों को देखकर अपनी मम्मी से पूंछ रहे थे कि यह सब कौन लोग हैं पापा कहां चले गए हैं पत्नी मीना व मां राजवती का तो रो रोकर बुरा हाल हो गया है वह बेसुध हो गइ है |
सबको हसांने वाला रूला कर चला गया
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में उन्नाव के लोक नगर का अजीत कुमार आजाद के शहीद होने की खबर जिसे भी मिली वह उसके घर की ओर भागा चला जा रहा था, वहां के कुछ लोगों का कहना है कि वह अभी कुछ दिन पहले एक माह की छुट्टी बिताकर 10 फरवरी को गया था आजाद की अंतिम यात्रा में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा |
हमें अकेला छोड़ देश का कर्ज उतार गया
प्यारे लाल के पांच पुत्रों में सबसे बड़ा बेटा अजीत कुमार सीआरपीएफ की 93वीं बटालियन में का जवान था, जो वर्तमान समय में जम्मू कश्मीर में तैनात था इस नौकरी के लिए उसने बहुत ही मेहनत की थी पिता रो रोकर बोल रहे थे कि अजीत ही उनके लिए एक बड़ी उम्मीद थे, जो अब उन्हें अकेले छोड़ कर चले गए हैं |


काश कोइ और तूफान रोक लेता रास्ता
40 दिन की छुट्टी में 1 जनवरी को यहां ड्यूटी पर आए थे और यहां से 1 फरवरी को ही यहां से ड्यूटी पर गए थे बाद में वहां पर बर्फबारी होने के कारण रास्ता बंद होने पर यह वापस घर लौट आए थे और 10 फरवारी को यहां से वापस गए थे पत्नी बार बार यह कह रही थी कि काश कोइ तूफान आकर रास्ता रोक लेता |
सभी का ख्याल रखना जल्द ही वापस आएंगे
हमले से पहले वैलेनटाइनडे की सुबह के समय पत्नी से ढेर सारी बातें हुई दोपहर को फोन आया तो काफी देर तक हंसी ठिठोली होती रही मां बाबू का हालचाल लिया, और उनका ख्याल रखने को कहा बेटियों को अपना प्यार दिया अजीत के वह शब्द रूबी को अभी भी याद हैं कि सबका ख्याल रखना जल्द ही वापस आएंगे
उन्नाव के लोगों का कण कण मांगे बदला बदला
यहां के हर वर्ग के जनमानस बूढ़े से लेकर बच्चों तक में आंसू आंसू हैं लेकिन लोगों के मन में बदले की भावना को लेकर आग उबल रही हैं सभी पाकिस्तान से बदले की मांग को लेकर आक्रोशित हो उठे हैं |


शुक्लागंज के बालूघाट में बदले की भावना को लेकर उमड़ी आक्रोशित भीड़
शनिवार को नगर के बालूघाट में उन्नाव के शहीद हुए लाल की अंतिम शव यात्रा को यहां लाया गया, जिसमें लाखों की संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा लोग पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे एक ओर लोग मोदी जी इंसाफ चाहिए पाकिस्तान साफ चाहिए, वंदे मातरम, भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे लोगों में आक्रोश था एक ओर से सभी की आखों में आंसू भी हैं इसी बीच आजाद का पार्थिव शरीर आया और शैया पर लेटा दिया गया अलग अलग राजनैतिक दलों के नेताओं ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी, शहीद आजाद के साथियों ने उसके सम्मान में गार्ड आफ आनर दिया उसके बाद उसके छोटे भाई रंजीत ने मुखादिनी दी और उसके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, कैबिनेट मंत्री निरंजन ज्योति ने  कहा कि मैं इस घटना से अत्यन्त दुखी हूं और इसका बदला जरूर लिया जाएगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को साढ़े चार सालों में पहली बार इतना आक्रोशित देखा गया है वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने इसकी घोर निंदा की है और कहा है कि बहुत जल्द ही इसका बदला लिया जाएगा . वहीं शुक्लागंज उन्नाव प्रेस क्लब के अध्यक्ष मयंक शुक्ला ने शहीद आजाद के परिवार को तीस हजार रूपए की चेक दी है |

To Top