फोन की घंटी बजी तो पत्नी मीना ने लपक कर फोन उठाया, दूसरी तरफ से पति अजीत के शहीद होने की सूचना मिली

Publish 16-02-2019 15:19:34


फोन की घंटी बजी तो पत्नी मीना ने  लपक कर फोन उठाया, दूसरी तरफ से पति अजीत के शहीद होने की सूचना मिली

उन्नाव/उत्तर प्रदेश (रघुनाथ प्रसाद शास्त्री):  एक महीने की छुट्टियां बिताने के बाद अजीत कुमार आजाद 10 फरवरी को जम्मू के लिए घर से रवाना हुए थे। गुरुवार दोपहर जम्मू से श्रीनगर जाते समय उन्होंने फोन पर पत्नी मीना से बात की थी। दो मिनट की बातचीत में उन्होंने श्रीनगर पहुंचकर दोबारा फोन करने का वादा किया था। देर शाम तक मीना अजीत के फोन का इंतजार करती रही लेकिन फोन नहीं आया।
रात करीब दस बजे मीना के फोन की घंटी बजी तो उसने लपक कर फोन उठाया। दूसरी तरफ से अजीत के शहीद होने की सूचना दी गई तो पहले तो उसे विश्वास नहीं हुआ। वह बुत बनी बैठी रही फिर फफक कर खूब रोई। बेटियों को बांहों में समेटे वह घंटों बिलखती रही। घरवालों ने बेटियों का हवाला देकर उन्हें किसी तरह संभाला। मीना ने बताया कि अजीत ने श्रीनगर पहुंचकर बात करने का वादा किया था लेकिन वह अपना वादा पूरा नहीं कर सके। मां की आंखों में आंसू देख उनकी दोनों बेटियां भी बिलख रही हैं।
बेटियों को डॉक्टर बनाने का देखा था सपना
सीआरपीएफ में जवान अजीत कुमार की दो बेटियां हैं। जिनमें ईशा 8 वर्ष व श्रेया 6 वर्ष की है। अजीत कुमार ने दोनों बेटियों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। पत्नी मीना ने बताया कि 10 फरवरी को जब वह जम्मू जा रहे थे तब उन्होंने बेटियों को मन लगाकर पढ़ने व डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने की बात कही थी।
बेटे की शहादत का चाहिए बदला
जवान बेटे के आतंकी घटना में शहीद होने की खबर ने मां राजवंती को अंदर तक झकझोर दिया। शुक्रवार सुबह जैसे ही जनप्रतिनिधियों के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो राजवंती खुद को रोक नहीं सकी। राजवंती का कहना था कि उन्हें अब अपने बेटे की शहादत का बदला चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे।
देश के लिए शहीद हुआ है मेरा भाई
अजीत के शहीद होने की खबर मिलते ही भाइयो  का रो रोकर बुरा हाल है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनका भाई देश के लिए शहीद हुआ है ऐसे में उन्हें गर्व है। अजीत पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटा भाई सुजीत बहराइच के परिषदीय विद्यालय में शिक्षक है। जबकि रंजीत शहर में रहकर ही प्राइवेट नौकरी करता है। चौथे नंबर का भाई मंजीत भोपाल में सेना में जवान है। वहीं सबसे छोटा संजीत बीटीसी की पढ़ाई कर रहा है।

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