एम्स से निष्काषित कर्मचारी मामले ने पकड़ा तूल : पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की पांचवीं मंजिल पर चढ़ गया कर्मचारी

Publish 15-04-2019 18:46:10


एम्स से निष्काषित कर्मचारी मामले ने पकड़ा तूल :  पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की पांचवीं मंजिल पर चढ़ गया कर्मचारी

ऋषिकेश: एम्स ऋषिकेश से निष्कासित कर्मचारियों को मामला अब और गर्माता जा रहा है। कर्मचारी एम्स प्रबंधन के रवैये से खासे नाराज हैं। मांगे नहीं माने जाने को लेकर हड़ताली कर्मचारी दाताराम ममगाई हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर पांचवें माले पर चढ़ गए। एम्स से निकाले गए कर्मचारी 60 कर्मचारी पिछले 50 दिनों से धरने पर बैठे हैं। लेकिन उनकी बातों को कोई नहीं सुन रहा। हड़ताली कर्मचारी पहले ही चेतावनी दे चुके थे। बावजूद इसके प्रशासन, पुलिस और एम्स ने कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार को सुबह करीब नौ बजे जैसे दाताराम ममगांई एम्स की छत पर चढ़े एम्स प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में पुलिस और फायर ब्रिगेड बुलाया गया ।
कर्मचारी उनको निष्कासित करने को गलत बता रहे हैं। वे लगातार एम्स डायरेक्टर से वार्ता करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन एम्स प्रबंधन उनको नौकरी पर रखना तो दूर। उनकी बात सुनने तक को तैयार नहीं है। कर्मचारी के छत पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही। तहसीलदार रेखा आर्य और कोतवाल रितेश शाह घटना स्थल पर पहुंचे और एम्स डायरेक्टर प्रोफेसर रवी कांत मामले को लेकर वार्ता की। इसके बाद इसके बाद निष्कासित कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एम्स के डिप्टी डायरेक्टर  अंशुमान गुप्ता से मिले। हालांकि उनकी वार्ता पर कोई नजीता नहीं निकल पाया।
एम्स कर्मचारियों के समर्थन में राज्य मंत्री भगतराम कोठारी भी उतर आए। उन्होंने कहा कि कि जब तक निष्कासित 60 कर्मचारियों की बहाली नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों एम्स निदेशक के व्यवहार पर और मनमानी पर भी सवाल खड़े किए। कर्मचारियों का आरोप है कि एम्स निदेशक कर्मचारियों से सही ढंग से बात नहीं करते। उनको वार्ता का समय भी नहीं दिया गया और उनकी बातों को सुनने को तैयार है। निदेशक पर मनमानी करने का भी आरोप लगाया है।

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