23 किलो का मूला बना आकर्षण का केन्द्र, 85 वर्षीय कृषक पं. विद्यादत्त शर्मा द्वारा उगाई गई मूला

Publish 01-03-2019 11:32:12


23 किलो का मूला बना आकर्षण का केन्द्र, 85 वर्षीय  कृषक पं. विद्यादत्त शर्मा द्वारा उगाई गई मूला

पौड़ी गढ़वाल : जनपद में कल्जीखाल ब्लॉक के ग्राम सागुडा (मोती बाग) में महामूला रिकार्ड मूल्यांकन सम्मेलन का बतौर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक मुकेश कोली तथा मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह एवं गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजित जिला स्तरीय संगोष्ठी का विधिवत शुभारम्भ किया। कृषक पं. विद्यादत्त शर्मा द्वारा उगाई गई मूला का अधिकतम वजन 22 किलो 750 ग्राम रहा, जिन्हें जिलाधिकारी के निर्देशन पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गठित समिति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर रिकार्ड के लिए चयन हेतु रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। इस दौरान संगोष्ठी में पहुंचे कृषि विशेषज्ञ, अनुभवी काश्तकार एवं अधिकारियों ने काश्त के क्षेत्र में बेहतर से बेहतर कार्य करने हेतु अपने-अपने सुझाव रखे। वहीं चकबन्दी के प्रेरणा स्रोत गणेश सिंह गरीब एवं पं. विद्यादत्त शर्मा ने युवाओं को कृषक कार्य से भविष्य संवारने की जानकारी दी। उद्यान विभाग के सहयोग से श्री शर्मा ने कीर्तिमान के लिए उगाई महामूला।


आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक मुकेश कोली ने पं. विद्यादत्त शर्मा जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आपने एक उच्च पद से वीआरएस लेकर कृषि के क्षेत्र में काम कर जो प्रसिद्धी प्राप्त की है, वह निश्चित ही काबिले तारीफ है। उनके विधान सभा क्षेत्र कल्जीखाल में आज जो राष्ट्रीय स्तर पर यह कीर्तिमान स्थापित हुआ है, इसकी 1967 से शुरूआत हो चुकी थी। पं. विद्यादत्त शर्मा जी यह कीर्तिमान स्थापित कर आज भी 83 वर्ष की आयु में लगातार काम कर रहे है और स्वस्थ है। उनका यह जुझारूपन युवाओं और मातृत्व शक्ति को अपने जीवन में धारण करना चाहिए, ताकि पलायन की समस्या पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के स्वरोजगार हेतु लगातार प्रयासरत् है। सरकार कृषि के लिए 05 लाख तक का लोन शून्य ब्याज दर पर दे रही है। कहा कि कोई भी विकास कार्य तथा बड़ा काम करने के लिए अपनी सोच बदलनी जरूरी है और जिसकी सोच अच्छी होती है, वह निश्चित ही कामयाब होता है। कहा कि आपस में संवाद और सम्पर्क भी जरूरी है, जिससे कि एक-दूसरे की सोच का पता चलता है। आज युवाओं को अपनी सोच बदल कर स्कील डेपलपमेंट पर ध्यान देना होगा ताकि वे खुद तो सक्षम हो और अन्य लोगों को भी काम देकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य एवं जैविक उत्पाद ही स्वस्थ्य एवं रोगमुक्त होने का मूलमंत्र है, जिसका उदाहरण देते हुए 83 वर्षीय श्री शर्मा को प्रेरणा का सा्रेत बताया। कहा कि वे भावी पीड़ी के लिए एक मिशाल है।


इस अवसर पर श्री विद्यादत्त शर्मा ने कहा कि सरकारी नौकर छोड़कर साहित्य एवं कृषि के क्षेत्र को अपनाया। एक संगोष्ठी में एक विद्यार्थी द्वारा पूछे गये सवाल कि अन्य जनपद की अपेक्षा पौड़ी में उत्पादन क्यों नही हो रहा है, जिस सवाल पर उन्हें अघात हुआ और उन्होंने कहा कि आज उस छात्र को संदेश देना चाहता हूं कि इस उगाई गई मूला से पता चलता है कि पौड़ी की धरती भी अन्य जनपदों की तरह ही है।  गणेश सिंह गरीब ने कहा कि देश की उन्नति जवान एवं किसान पर ही निर्भर है। जहां जवान देश की सुरक्षा करते है, वहीं किसान अन्न पैदा कर देश के विकास में सहयोग करते है। उन्होंने कहा कि बाहर लोग कैमिकल का प्रयोग कर सब्जियां एवं अन्न पैदा कर रहे है, जो बीमारियों को न्यौता दे रहे है। इसलिए अपने यहां जैविक खेती कर शुद्ध सब्जियां एवं अन्न उगाई जाये तथा उसका ही प्रयोग किया जाना चाहिये। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा सुषमा रावत, ग्राम प्रधान रोशनी देवी, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र सिंह राणा, अपर उद्यान अधिकारी पी.डी. ढौंडियाल, चेतराम उनियाल, दाताराम उनियाल, संजय उनियाल, नितिन उनियाल, शेखरानन्द सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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