ट्रेनों की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया

Publish 28-02-2019 11:30:03


ट्रेनों की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया

 

अल्मोड़ा 07 अगस्त, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने रानीखेत में आपरेशन के दौरान दांयी किडनी निकाले जाने विषयक शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस मामले में आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल नैनीताल को उच्च स्तरीय जांच करने और समिति के गठन के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के लिये अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि राजेन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा खीम सिंह, ग्राम नैरी, पो. कुवाली द्वारा एक शिकायती पत्र इस कार्यालय में प्रस्तुत किया था। जिसमें उनके द्वारा उनकी चाची खष्टी देवी का 18 मार्च को एमएन श्रीवास्तव हास्पिटल कालिका रानीखेत में उपचार हेतु ले जाय गया था। जहां पर चिकित्सक द्वारा उन्हें अपेन्डीक्स की शिकायत बताते हुये तत्काल आपरेशन किये जाने हेतु कहे जाने पर सर्जरी कराये जाने तथा 11 जून को दिल्ली में कराये गये अल्ट्रासाउण्ड रिर्पोट में दांयी किडनी प्रर्दशित न होने आदि का उल्लेख किया गया था। इस क्रम में इस कार्यालय द्वारा 11 जुलाई के द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा को प्रकरण में विशेषज्ञों की समिति गठित कर जॉच कराये जाने के निर्देश दिये गये थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा के द्वारा जांच करायी गयी तथा उनके द्वारा अपने पत्र 01 अगस्त के द्वारा विशेषज्ञों की विशिष्टता के आधार पर जांच से सहमत होते हुये जांच समिति की आख्या इस कार्यालय को भी उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने अपनी जॉच रिर्पोट में स्पष्ट किया है कि उपलब्ध प्रमाणों व बयानों के आधार पर खष्टी देवी की दांयी किडनी निकाली गयी है जैसा कि आपरेट करने वाले सृर्जन द्वारा भी स्वीकार किया गया है। परंतु उक्त किडनी निकाले जाने की जानकारी मरीज, पति, रिश्तेदार को दी गयी अथवा नही की पुष्टि किया जाना सम्भव नहीं है। जांच समिति की राय में खष्टी देवी से बायोप्सी हेतु भेजे गये किडनी सैंपल जो डॉ ओपीएल श्रीवास्तव के कथनानुसार जांचकार्त लैंब संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि उक्त जांच रिर्पोट को मूल में पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा को प्रेषित की गयी। पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा ने अपने पत्र 06 अगस्त के द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में जांच समिति द्वारा उपलब्ध करायी गयी जांच आख्या का परिशीलन करने के उपरान्त अनेक बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट करने हेतु उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन पर विचार किये जाने का अनुरोध किया है। इसी क्रम में जांच आख्याओं की छाया प्रति सहित आयुक्त कुमाऊं मण्डल नैनीताल को भेजी गयी है ताकि उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन की स्वीकृति प्राप्त हो सके।

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