पहाड़ विरोधी लोग कर रहे है कोदा झंगोरा का आंगनबाड़ी में विरोध - उविपा

Publish 15-05-2019 21:52:30


पहाड़ विरोधी लोग कर रहे है कोदा झंगोरा का आंगनबाड़ी में विरोध   - उविपा

कोटद्वार/गढ़वाल : उत्तराखण्ड विकास पार्टी की बैठक लैंसडौन भवन देवी मंदिर में हुई। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ  पहाड़  विरोधी मानसिकता के लोग पहाड़ी उत्पादों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।  जबकि सरकार श्रम संविदा सहकारी समितियों के माध्यम से कोदा झंगोरा खरीद कर श्रम संविदा सहकारी समितियों के साथ साथ गाँव मे पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देना चाह रही है, इससे आंगन बाड़ी में खाद्य माफियों के नेटवर्क पर विपरीत प्रभाव पड़ना निश्चित है। इसलिए यह महसूस हो रहा है कि खाद्य माफिया पहाड़ी उत्पादों का विरोध करवा रहे हैं। ऐसे पहाड़ विरोधी लोग चिन्हित किये जाने चाहिए और उनका सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।
इस अवसर पर बोलते हुए आशीष किमोठी ने कहा कि कोदा और झंगोरा की दक्षिण में सबसे ज्यादा डिमांड है और साल भर यह मांग बनी रहती है जबकि दक्षिण में साल भर मौसम गर्म रहता है। ऐसे में गर्मी के मौसम में कोदा या झंगोरा खाने से कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। यहां तक कि झंगोरे की ठंडी खीर की वर्तमान में सबसे ज्यादा मांग है और शादी व्याह में भी गर्मी के मौसम में भी पहाड़ी उत्पाद बड़े चाव से बनाये और खाये जाते हैं। दक्षिण में कोदा और झंगोरे की आज भी भारी मांग है और सहकारी समितियों के पास आर्गेनिक कोदा झंगोरा पूरी मात्रा में उपलब्ध है, जिसे जितनी मात्रा चाहिए महाबगढ़ श्रम संविदा सहकारी समिति जैसी अन्य समितियों को ऑर्डर दे सकता है। समिति की कोदा और झंगोरा के ऑर्डर के लिए दुबई जैसे गर्म देशों में बातचीत चल रही है। जबकि आंगनबाड़ी में गर्मी की छुट्टी के बाद कोदा झंगोरा की खरीद होनी है ऐसे में इनकी गर्म तासीर पर सवाल उठाना बताता है कि माफियाओं की असली मंशा क्या है। बैठक में आशीष किमोठी, ध्यान सिंह नेगी, विश्वजीत, संजय मलासी, राजविमल, सन्दीप जोशी, महेश देवरानी, ऋषि, चन्द्रेश बौंठियाल, सुनील रावत, महेंद्र बिष्ट, महाराज बिष्ट, सुरेंद्र भारद्वाज आदि मौजूद थे।

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