खबर का असर : पिंकी की मौत के मामले में जाँच के आदेश, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन दोनों कर रहे है जाँच

Publish 26-03-2019 16:54:21


खबर का असर : पिंकी की मौत के मामले में जाँच के आदेश, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन दोनों कर रहे है जाँच

देहरादून : अटल आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड होने के बावजूद इलाज नहीं मिल पाने के कारण बेमौत मरी पिंकी प्रसाद की मौत के बाद सरकार सकते में है। सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश कर दिए हैं। पिंकी की मौत पर मौन रहने वाला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही जांच में जुटे हैं कि आखिरी पिंकी को गोल्डन कार्ड का लाभ क्यों नहीं मिला।

स्वास्थ्य निदेशालय ने कोटद्वार सीएमएस को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही पौड़ी डीएम ने भी जांच कर रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, सरकार अटल आयुष्मान योजना को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही थी। लेकिन, योजना लागू होने के बाद जब लोग उपचार के लिए लिस्टेड अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, तो उनको इलाज नहीं मिल पा रहा है। पिंकी प्रसाद के साथ भी यही हुआ।

विशेष : आखिर पिंकी की मौत का जिम्मेदार कौन ? अस्पताल या सरकार ?

कोटद्वार सीएमएस खुद ही कह रहे हैं कि पिंकी प्रसाद ऋषिकेश एम्स में भी गई थी। वहां से उनको फोर्टीस अस्पताल भेजा गया। वहां भी पिंकी का इलाज नहीं किया गया। हार्ट पेसेंट पिंकी इसके बाद महंत इन्द्रेश  अस्पताल गईं। वहां भी उनको निराशा ही हाथ लगी। अस्पताल ने दो लाख से अधिक का इस्टीमेट थमा दिया। जिसके बाद निराश होकर पिंकी वापस कोटद्वार लौट गई और तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया।


धरना-प्रदर्शन के बाद वन मंत्री हरक सिंह रावत ने उनको एक चिट्ठी थमाकर जौली ग्रांट अस्पताल भेज दिया। जब तक पिंकी का इलाज होता। बेरहम और असंवेदनशील सिस्टम के चक्कर काटते-काटते काफी देर हो चुकी थी। सिस्टम और बीमारी ने पिंकी को बेमौत मार दिया। उम्मीद है सरकार जांच में अस्पतालों की लापरवाही पर कार्रवाई करेगी। देखना यह होगा कि पिंकी की मौत के बाद सरकार और सिस्टम कितनी गंभीरता दिखाता है।  

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