बरसात नजदीक , नाले चौक, रिफ्यूजी कॉलोनीवासी चिंता में

Publish 15-05-2019 21:38:09


बरसात नजदीक , नाले चौक,  रिफ्यूजी कॉलोनीवासी चिंता में

कोटद्वार (योगेश चौहान)। रिफ्यूजी कालोनी कोटद्वार का ऐसा क्षेत्र जो पिछले दो सालों से बरसात से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। ओर कुदरत ने अपना कहर इसी क्षेत्र बरपाया। भले पिछले वर्ष आई दैवीय आपदा को नगर निगम प्रशासन भले भूल गया हो लेकिन यहाँ रहने वालो के माथे पर आने वाले बरसात के लिए चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती है। लेकिन दो सालों से आ रही आपदा के बाद भी स्थानीय प्रशासन और नगर निगम लापरवाह बना हुआ है। नगर निगम के  वार्ड न0 15 यानी रिफ्यूजी कॉलोनी  के बाहर बह रहे नालों की सफाई न होने की वजह से नाले जाम होने लगे हैं। गंदगी के कारण आसपास के लोग बीमार हो रहे हैं. साथ ही क्षेत्र में बदबू फैलने लगी है। समय रहते नाले की सफाई नहीं हुई तो  आने वाली बरसात में फिर से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। लोगों का कहना है कि बारिश होते ही नालों का पानी लोगों के घरों के बाहर तक पहुंच जाता है ।रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी इंद्रावती का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारी शहर का कूड़ा उठाकर नालों में डाल रहे हैं. इसी वजह से नाला कूड़े से भर गया है। लोगों का कहना है कि बरसात नजदीक है और समय रहते सफाई नहीं हुई तो सारा गंदा पानी घरों में घुस जाएगा।


वहीं स्थानीय निवासी सुषमा का कहना है कि नाले के हालात ऐसे हैं कि यहां से कीड़े निकलकर उनके घरों में घुस रहे हैं। नाले की गंदगी की शिकायत कई बार अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कोई उनकी फरियाद सुनने को तैयार नहीं है। नाले की एक बार फोटो खींचकर कुछ कर्मचारी ले गए थे, लेकिन नाले की सफाई को लेकर कुछ नहीं किया गया। इस मामले में नगर आयुक्त मनीष कुमार का कहना है कि बरसात से पहले नाले को साफ करवा दिया जाएगा. हमारे पास नालों की सफाई के लिए चार करोड़ का बजट आ गया है। पनियाली नाले को साफ करवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।शहर के अन्य नालों को भी साफ करने का काम शुरू हो गया दिया जाएगा।

आपको बताते चले कि साल 2017-18 में कोटद्वार नगर क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी. नालों का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया था. उस दौरान लोगों के घरों में 3 से 4 फीट तक पानी और मिट्टी आ गयी थी. तब प्रशासन ने रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित लोगों को सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया था, लेकिन दो सालों से आ रही आपदा के बाद भी स्थानीय प्रशासन और नगर निगम लापरवाह बना हुआ है.

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