सस्ती दवा के दावे फेल, जनऔषधि केंद्र की व्यवस्था ढेर

Publish 08-04-2019 18:06:58


सस्ती दवा के दावे फेल, जनऔषधि केंद्र की व्यवस्था ढेर

कोटद्वार (गौरव गोदियाल)। लोगो को सस्ती दवाई मिल सके इसके लिए जनऔषधि केंद्र की शुरूआत की गई, लेकिन कोटद्वार चिकित्सालय के व्यवस्था तंत्र इसको फेल करने में लग गया। जेनेरिक दवाइयों की जगह मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाइयां लिखे जाने का सिलसिला जारी है। इससे दस रुपये में मिलने वाली दवा के मरीजों को सौ रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। सरकार द्वारा  मरीजों को सस्ता और सुलभ उपचार मुहैया हो सके के लिए जनऔषधि केंद्र की शुरूआत की गई थी। कोटद्वार के अस्पताल में लगभग एक वर्ष पूर्व जनऔषधि केंद्र की शुरूआत की गई थी। जिसके बाद आश जगी थी कि सरकारी अस्पताल में तैनात चिकित्सक अस्पताल की दवाइयां लिखेंगे और यदि अस्पताल में वह दवाई नहीं है और बाहर से दवाई लिखने की मजबूरी है तो जेनेरिक दवाई लिखेंगे। एक वर्ष बाद भीचिकित्सको द्वारा जेनेरिक दवाईयां नहीं लिखी जा रही है। अब भी मरीजों को बाहर से  महंगी दवाइयां लिखी जा रही है।


गोविन्दनगर निवासी अमित गुप्ता भी अस्पताल में दवाई लेने के लिए आया हुआ था। चिकित्सक ने उसकी दवाई का भी कंपनी का नाम लिखा, जबकि जेनेरिक दवाई के लिए सॉल्ट का नाम लिखना होता है।वहीं काशीरामपुर निवासी महिला एलर्जी की दवाई लेने के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंची। डॉक्टर ने उसको बाहर से एक कंपनी की ट्यूब लिख दी। जिसकी कीमत करीब 80 रुपये है, जबकि वही ट्यूब जेनेरिक स्टोर पर मात्र दस से बीस रूपये के मध्य की है।
इस तरह की जाती है चतुराई
दरअसल जनऔषधि केंद्र पर किसी कंपनी का नाम ना होकर वहां पर सॉल्ट के नाम से ही दवाई मिलती है। ऐसे में चिकित्सको द्वारा मरीजों को किसी ब्रांड का नाम नहीं बल्कि सॉल्ट का नाम लिखना चाहिए। जबकि कुछ चिकित्सक ऐसी दवाई लिखते है तो जनऔषधि केंद्र पर नहीं मिलती और बाहर मेडिकल स्टोर पर मिल जाती है। सरकारी अस्पताल में लंबे अरसे से यही चल रहा है।
जनऔषधि केंद्र पर जो दवाइयां उपलब्ध हैं, उनकी सूची राजकीय बेस चिकित्सालय में सभी डाक्टरों को दी गई है, मरीज पर्ची लेकर यहां आते हैं तो ज्यादातर उनके पास जो पर्ची मिलती हैं उस पर बाहर की दवाइयां लिखी होती हैं। जबकि वह दवाइयां हमारे यहां बहुत ही कम रुपये में उपलब्ध हैं। - आशीष रावत, फार्मेसिस्ट जन औषधि केंद्र कोटद्वार अस्पताल
चिकित्सक किसी भी सूरत में बाहर की दवाइयां नहीं लिख सकते, जेनेरिक दवाइयां जो जनऔषधि केंद्र पर है, उनको लिखा जाएगा ताकि गरीबों का भला हो। यदि कोई भी डॉक्टर  बाहर की दवाई लिखता हुआ मिला तो कार्रवाई की जाएगी - डॉ. आर. एस. चौहान , सीएमएस बेस चिकित्सालय कोटद्वार

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