बदला या विकास : 15 सौ का उद्घाटन बनाम, लाखों का तामझाम

Publish 07-03-2019 17:37:20


बदला या विकास : 15 सौ का उद्घाटन बनाम, लाखों का तामझाम

कोटद्वार : कोटद्वार मेडीकल कॉलेज  के निर्माण कार्य के उद्घाटन के शुभारंभ का बड़ा सा विज्ञापन आज सभी अखबारों में छपा है। इसी मेडिकल कॉलेज  का पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र नेगी पहले शिलान्यास कर चुके हैं। उन्होंने इस पर सवाल भी खड़े किए। एक विज्ञापन में कार्बेट गेट के तहत पाखरों गेट के उद्घाटन की बात भी है। जबकि खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ही पहले कार्बेट गेट का शुभारंभ कर चुके हैं। जिस तरह कार्बेट पार्क पाखरों गेट हो गया। उसी तरह मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदलकर कर्मचारी राज्य बीमा निगम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सालय हो गया है।


इस पूरे कार्यक्रम के पीछे एक और कहानी भी झांकती नजर आ रही है। दरअसल, पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को कोटद्वार में एक कार्यक्रम में जाना था। सूत्रों की मानें तो उस दौरे के दौरान कोटद्वार अस्पताल में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की सांसद निधि से बनाए गए आईसीयू के उद्घाटन का कार्यक्रम भी तय किया गया था। लेकिन हुआ यूं कि आईसीयू का शुभारंभ अनिल बूलनी की घोषणा के अनुरूप सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी ने कर दिया। लोगों के बीच इसको लेकर चर्चा भी है कि इसके चलते ही मुख्यमंत्री ने अपना कार्यक्रम स्थगित किया था। माना जा रहा है कि यह सब अनिल बलूनी को निशाने पर लेकर किया जा रहा है। खर्च को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आईसीयू के उद्घाटन पर कुल 1500 सौ रुपये का खर्च आया। जबकि सीएम के कार्यक्रम के लिए किए गए इंतजामों पर करीब पांच-छह लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।


इसके पीछे यह भी तर्क दिया जा रहा है कि करीब दो माह पूर्व अनिल बलूनी के नेतृत्व में शिक्षक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल विशिष्ट बीटीसी की मान्यता को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री से मिला था। उन्होंने समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था और बाद में अनिल बलूनी के प्रस्ताव पर लोकसभा और राज्ससभा से मंजूरी भी दी गई थी। जिसकी जानकारी अनिल बलूनी के जनसंपर्क कार्यालय से मानव संसाधन विकास मंत्री से मुलाकात की फोटों के साथ जारी की गई थी। उस मसले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से भी प्रैस नोट जारी किया गया था। इसके चलते भी राजनीति जानकार इसे राजनीतिक प्रतिस्पार्धा से जोड़कर देख रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रदेश के दो नेताओं के बीच उभरती इन दरारों को पार्टी कैसे पाटती है।

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