उर्गम घाटी के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

Publish 18-03-2019 19:10:30


उर्गम घाटी के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

गोपेश्वर/चमोली(जगदीश पोखरियाल)। चमोली जिले के दुरस्त ग्रामीण क्षेत्र उर्गम घाटी के उत्तरी अलकनंदा विकास संघ ने सोमवार को जिलाधिकारी चमोली को एक ज्ञापन सौंप कर रहा है कि एक लंबे समय से मूलभूत समस्याओं से जुझ रहे ग्रामीण कई बार अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शासन प्रशासन का चक्कर काट चुके है। लेकिन उनकी मांग पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो क्षेत्र के दर्जनों गांव लोक सभा चुनाव बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे।


सोमवार को उत्तरी अलकनंदा विकास संघ के अध्यक्ष आईएस सनवाल ने नेतृत्व में ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी चमोली से मिला। सनवाल का कहना है कि दशोली व जोशीमठ के स्यूण, बेमरू, मठ-झडेता, डुमक कलगोट पल्ला-जखोला, किमाणा के एक दर्जन से अधिक गांवों के 5000 से अधिक की जनसंख्या के ग्रामीण ने आजादी से लेकर आज तक अपनी मूलभूत समस्याऐं जिनमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं दूरसंचार आदि को लेकर मांग के साथ ही आंदोलन करते आ रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगो पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है तो ग्रामीण सामुहिक रूप से आगामी लोक सभा चुनाव के बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि जहां देश 21वीं सदी में प्रवेश कर गया है वहीं दूरस्त क्षेत्र के ग्रामीण गुलामी सा जीवन जीने को मजबूर है। आज भी लोग 20 से 25 किमी की पैदल दूरी तक कर सडक मार्ग तक पहुंच रहे है। जिलाधिकारी को मिलने वालोें में बहादूर सिंह रावत, हरीश सिह रावत, मोहन सिंह, गबर सिंह आदि शामिल थे।

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