सूअरों के आंतक से ग्रामीण परेशान, रात्रि जागरण के लिए विवश

Publish 01-04-2019 18:53:29


सूअरों के आंतक से ग्रामीण परेशान, रात्रि जागरण के लिए विवश

गोपेश्वर/चमोली (जगदीश पोखरियाल)।  चमोली जिले के जोशीमठ ब्लाॅक के आधा दर्जन गांवों में इन दिनों काश्तकार सूअरों के आतंक से परेशान हैं। यहां काश्तकार अपनी खेतों और फसलों की सुरक्षा के लिये रात्रि में जागने को मजबूर हैं। यहां काश्तकार इन दिनों रात्रि के समय ढोल-दामाऊं और मशालों के साथ रात-रात भर खेतों की चैकीदारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन से सूअरों के आतंक से निजात दिलने की मांग की गई। लेकिन वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जोशीमठ ब्लाक के बडगांव, तपोवन, ढाक, सुनील, मेरग और परसारी गांवों में रात होते ही जंगली सूअरों के झुंड काश्तकारों के खेतों में घुस कर खेतों में बोई आलू, मटर और गेंहू की फसल को जहां चैपट कर रहे हैं। वहीं खेतों को खोद कर बर्बाद कर रहे हैं। जिससे काश्तकारों में खासी निराशा है। स्थानीय ग्रामीण देवेश्वरी, सरीता, नौमा देवी, बसंती देवी, गोविंद सगोई और दिलबर सिंह राणा का कहना है कि जहां दिन में बंदर फसलों को नुकसान कर रहे हैं। वहीं रात्रि के समय सूअरों का आतंक बना हुआ है। ऐसे में काश्तकार अब खेती से विमुख हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रबंधन से जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग उठाई गई। लेकिन वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
ग्रामीणों की शिकायत पर आबादी क्षेत्र में घुस रहे सूअरों को खदेडने का प्रयास किया जा रहा है। यदि इसके बावजूद भी सूअरों की दिक्कतें कम नहीं होती तो ग्राम प्रधानों से प्रस्ताव लेकर ग्रामीणों को सूअरों को मारने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
धीरेंद्र सिंह, वन क्षेत्राधिकारी,  नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, जोशीमठ।

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