केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का चमोली दौरा, पहुंचे औली

Publish 29-01-2019 16:06:16


केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का चमोली दौरा, पहुंचे औली


अल्मोड़ा (शिबेन्द्र गोस्वामी)|  सर्वदलीय संघर्ष समिति अल्मोड़ा ने प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के तहत आज एसडीएम विवेक राय के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने प्राधिकरण को जन हित में तत्काल वापस नहीं लिये जाने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
    पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्राधिकरण के विरोध में तमाम लोग यहां गांधी पार्क मंे एकत्रित हुए, जहां प्राधिकरण की खिलाफत में जमकर नारेबाजी की गई। एसडीएम को सौंपे गये ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड सरकार ने अपनी तानाशाही का परिचय देते हुए सर्वाधिक प्राचीन पर्वतीय जिले अल्मोड़ा में अचानक नवंबर 2017 से जिला विकास प्राधिकरण लागू कर दिया। इससे पूर्व न ता स्थानीय नागरिकों को काई सूचना दी गई और न ही कोई राय ली गई। जिसके बाद से आम नागरिक परेशान हैं। विगत सात माह में केवल 10-12 नक्शे ही पास हो सके हैं। सरकार के इस निर्णय से स्थानीय निकाय कमजोर हुआ है और 74वें संविधान संशोधन का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है। उन्हांेने याद दिलाया कि वर्ष 1973-74 में अल्मोड़ा में तत्कालीन जनसंघ के वरिष्ठतम नेता पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री शोभन सिंह जीना  के नेतृत्व में अल्मोड़ा न गर में लागू मास्टर प्लान के विरोध में बहुत बड़ा आंदोलन हुआ था। जिस कारण पहाड़ की भगौलिक स्थिति को देखते हुए मास्टर प्लान हटा दिया गया था। अल्मोड़ज्ञ आगमन पर प्रभारी मंत्री रहे धन सिंह रावत ने स्वयं स्वीकार किया था कि यह विकास प्राधिकरण अल्मोड़ा तथा पौड़ी जिले के लिए कतई उपयुक्त नही है और इस संबंध में प्रस्ताव लाया जायेगा। स्थानीय क्षेत्रीय विधायक रघुनाथ सिंह चौहान के माध्यम से भी उक्त अनुरोध सरकार से किया गया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी अल्मोड़ा आकर सार्वजनिक घोषणा की थी कि 70 प्रतिशत शुल्क कम कर दिया जायेगा, लेकिन उसका भी शासनादेश दो माह बीतने पर भी अब तक निर्गत नहीं हो पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को वापस नहीं लिया गया या जनहित में वर्तमान में निर्धारित शुल्क व अन्य प्रतिबंध शिथिल नहीं किये गये तो उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जायेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पीतांबर पांडे, बिट्टू कर्नाटक, आनंद सिंह बगड़वाल, आनंद सिंह ऐरी, हर्ष कनवाल, महेश परिहार, केवल सती, युसुफ तिवारी, अख्तर हुसैन, अशोक पांडे, कवींद्र पंत, दीपांशु पांडे, राजीव कर्नाटक, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, हेम चंद्र जोशी, देवेंद्र प्रसाद कर्नाटक, अमन अंसारी, पान सिंह राणा, गौरव जसवाल, आनंदी वर्मा, लीला आर्या, सुमित कुमार, मोहन सिंह नेगी, मो. शब्बीर, कुंवर राम, प्रताप सत्याल, अमित जोशी आदि मौजूद थे।

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