ये हाल हैः खेल मैदान के अभाव में दस किमी दूर गौचर खेल मैदान में हो रही खेल प्रतियोगिता

Publish 16-03-2019 22:01:24


ये हाल हैः खेल मैदान के अभाव में दस किमी दूर गौचर खेल मैदान में हो रही खेल प्रतियोगिता

कर्णप्रयाग (दीपक कुमार)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग डॉ.. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की आजकल वार्षिक क्रीड़ा प्रतियागिताऐं आयोजित हो रही है। ब्लॉक  मुख्यालय कर्णप्रयाग में एक भी खेल मैदान न होने के साथ महाविद्यालय का भी अपना कोई खेल मैदान होने के कारण युवाओं को दौड़ प्रतियोगिता के लिए दस किमी दूर गौचर खेल मैदान में जाना पड़ रहा है। जिस कारण खेलों में कैरियर बनाने वाले युवाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा है।


डा.शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की 39वीं वार्षिक क्रीडा प्रतियोगिताएं शुक्रवार से प्रारंभ हो चुकी है। दो दिवसीय क्रीडा प्रतियोगितओं की पचास फीसदी से अधिक खेल कूद प्रतियोगिताएं दस किमी दूर गौचर के खेल मैदान में संपन्न हो रही है। जिसमें दौड़ की सभी प्रतियोगिताऐं गौचर में ही संपन्न होंगी। महाविद्यालय के पास खेल मैदान के लिए भूमि तो है मगर तकनीकी पेच के कारण अभी तक खेल मैदान नहीं बन पाया है।  छात्र-छात्राओं का कहना है कि उचित ट्रैक न मिल पाने कारण दौड़ लगाने में कठिनाई होती है।  छात्र संघ अध्यक्ष निकेश नेगी, यूआर सौरभ रावत का कहना है कि वार्षिक क्रीडा प्रतियोगिता के अंतर्गत भाला फेंक, चक्का फेंक, गोला फेंक  आदि प्रतियोगिताएं महाविद्यालय के प्रांगण में संपन्न होती है। महाविद्यालय प्रांगण का खेल मैदान छोटा होने के चलते क्रीडा प्रतियोगिताएं मात्र खानापूर्ति साबित हो रही है। आलम यह था कि कुछ साल पहले दौड़ प्रतियोगिताएं के लिए छात्र-छात्राओं को दस किमी दूर गौचर हवाई पट्टी में दौड़ना पड़ता था। लेकिन छात्र-छात्राओं के विरोध के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने गौचर खेल मैदान में दौड़ प्रतियोगिताएं संपन्न करानी पड़ती है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि यदि खेल मैदान का निर्माण किया जाए तो युवाओं को खेल में कैरियर बनाने का मौका मिल पाएगा।


क्या कहते है प्राचार्य
सिंचाई विभाग के ऊपर महाविद्याल की 107 नाली भूमि मौजूद है। जिसे समतलीकरण कर खेल मैदान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन भूमि तक पहुंच मार्ग के लिए दिक्कते आ रही है। जिसके लिए वहां के ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित कर उचित परामर्श निकाला जाएगा।
जगदीश प्रसाद, प्राचार्य पीजी कॉलेज  कर्णप्रयाग।

 

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