पिकन नट उत्पादन करने वाला पहला जिला बनेगा चमोली

Publish 08-02-2019 23:22:42


पिकन नट उत्पादन करने वाला पहला जिला बनेगा चमोली

गोपेश्वर/चमोली(जगदीश पोखरियाल)।  चमोली जिले में उद्यान विभाग ने पिकन नट के उद्यानीकरण की योजना तैयार की गई है। इसके लिये उद्यान विभाग ने हॉलीडीक्ल्चर मिशन फॉर नार्थ ईस्ट एंड हिमालय स्टेट योजना के तहत जिला मुख्यालय के निकट कोठियालसैण में नर्सरी तैयार की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला तो आगामी पांच वर्षों में चमोली पीकन नट उत्पादन करने वाला राज्य का पहला जिला बन जायेगा। जिससे काश्तकारों को बेहतर आमदनी मिल सकेगी।
हॉलीडीक्ल्चर मिशन फॉर नार्थ ईस्ट एंड हिमालय स्टेट योजना के तहत उद्यान विभाग ने 15 लाख की लागत से कोठियालसैंण में पिकन नट की नर्सरी तैयार की जा रही है। पिकन नट एक सूखा मेवा (ड्राई फ्रूट) है। जिसका सर्वाधिक उपयोग चॉकलेट बनाने में किया जाता है। इसकी पैदावार से काश्तकारों को इसका बेहतर दाम मिल सकता है। पिकन नट का वर्तमान में बाजार भाव करीब तीनप हजार रुपये प्रतिकिलोग्राम है। उद्यान विभाग ने कोठियालसैंण नर्सरी में पिकन नट के मदर प्लॉट से पौध तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। वहीं नर्सरी में सीड लैस गुवावा (बीज रहित अमरुद) तथा माल्टा प्रजाति के श्रीनगर मैंडरीन फलों की भी नर्सरी तैयार की जा रही है। पिकन नट के उत्पादन को लेकर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी खासे उत्साहित हैं।

क्या है पिकन नट
पिकन नट गिरीदार फल है। यह महान और नैलिस प्रजाति का पौधा है। पिकन नट के उत्पादन के लिये समुद्र तल से 12 सौ मीटर से दो हजार मीटर तक की जलवायु उपयुक्त मानी जाती है। इसका उपयोग सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट) के साथ ही चाकलेट बनाने में किया जाता है।

क्या कहते है अधिकारी
पिकन नट की बाजार में अच्छी मांग है। साथ ही चमोली जिले की आबो हवा इसके उत्पादन के उपयुक्त है। जिसे देखते हुए कोठियाल सैंण में नर्सरी तैयार की गई है। इसके साथ ही जिले में पिकन नट उत्पादन से काश्तकारों को जोडने के लिये कल्सटर तैयार किये जा रहे हैं। सब कुछ योजना के अनुसार चला तो आगामी पांच वर्षों में जिले में पीकन नट का उत्पादन शुरु हो जाएगा।
नरेंद्र यादव, जिला उद्यान अधिकारी, चमोली।

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