मतदान केंद्र 10 किमी दूरः तब ऐसे में कैसे बढेगा मतदान और कैसी मतदाता जागरूकता

Publish 07-01-2019 16:37:15


मतदान केंद्र 10 किमी दूरः तब ऐसे में कैसे बढेगा मतदान और कैसी मतदाता जागरूकता

गोपेश्वर से जगदीश पोखरियाल की रिपोर्ट

गोपेश्वर।  स्वीप कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान करने व मतदान का प्रतिशत बढाने के लिए हर साल मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चला कर मतदान करने की अपील करता है, लेकिन जब मतदान केंद्र गांव के दस किमी दूर हो तो भला ऐसे में कैसे मतदाता मतदान केंद्र तक जायेगा और कैसे मतदान का प्रतिशत बढेगा।

जी हां ऐसा ही एक मतदान केंद्र चमोली जिले के देवाल विकास खंड के बेराधार गांव के बमोटिया तोक गांव का है। यहां पर डेढ सौ से अधिक मतदाता पंजीकृत है। जिसमें कुछ बुजुर्ग व महिलाऐं भी शामिल है। इनका मतदान केंद्र गांव से दस किमी दूर बेराधार में है। ग्रामीणों ने पिछले विधान सभा चुनाव में भी जिलाधिकारी चमोली से गुहार लगायी थी कि उनका मतदान केंद्र उनके गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में बनाया जाए। जिस पर उन्हें आश्वासन दिया गया था उनकी मांग पर गौर किया जाएगा। लेकिन इस बार लोक सभा चुनाव आने वाले है। ग्रामीणों ने इस बार भी जिला प्रशासन से गुहार लगायी है कि उनका मतदान केंद्र बेराधार से हटाकर प्रावि बमोटिया में ही बनाया जाए। गांव के जसराम, रमेश राम व हीरा राम का कहना है कि चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढाने के लिए मतदाता जागरूकता कार्य तो चला रहा है लेकिन जब मतदान केंद्र दस किमी दूर होगा तो ऐसे में कैसे मतदान प्रतिशत बढेगा। उनके गांव के अधिक लोग मतदान करने इसीलिए नहीं जाते है क्योंकि मतदान केंद्र दस किमी दूर है। यदि मतदान केंद्र गांव मे ही बन जाता तो अधिक से अधिक लोग मतदान के लिए जाते।

क्या कहते है अधिकारी

प्रभारी जिलाधिकारी व सीडीओ चमोली हंसादत्त पांडेय का कहना है कि ग्रामीण तहसील व पटवारी से रिकमंड कर ले आयें, समय रहते इसका समाधान कर लिया जाएगा।

स्वीप कार्यक्रम के चमोली जिले के नोडल अधिकारी डा. एमएस सजवाण का कहना है कि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र दिया है तो जो भी नियम होंगे उस नियम के अनुसार इसका समाधान किया जाएगा।

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