कम मतदान करने वाले केंद्रों पर मतदान बढ़ाना प्रशासन के सामने एक चुनौती

Publish 28-03-2019 17:39:54


कम मतदान करने वाले केंद्रों पर मतदान बढ़ाना प्रशासन के सामने एक चुनौती

गोपेश्वर/चमोली(जगदीश पोखरियाल)।   चमोली जिले में कई मतदान स्थल ऐसे है जहां पर पिछले विधान सभा व लोक सभा चुनावों में मतइदान का प्रतिशत काफी कम रहा था। वहीं नगर पालिकाओं के चुनाव में भी शहरी मतदाताओं ने उस उत्साह से मतदान नहीं किया जिसकी उम्मीद जतायी जा रही थी। ऐसे में इस बार के लोक सभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढाना वह भी खास कर उन स्थानों पर जहां पर पिछले लोक सभा व विधान सभा में मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा है। हालांकि प्रशासन स्वीप कार्यक्रम के जरिये मतदाता जागरूकता अभियान से मतदान का प्रतिशत बढाने की बात कर रहा है।
2014 के लोक सभा चुनाव में चमोली जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्र से कुल 55.48 प्रतिशत मतदान हुआ था। बदरीनाथ विधानसभा में 57.62 प्रतिशत, थराली में 53.88 प्रतिशत तथा कर्णप्रयाग में 54.95 प्रतिशत मतदान हुआ था। पिछले लोक सभा चुनाव में 53.06 प्रतिशत पुरूष एवं 58.01 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने वोट किया। इस चुनाव में पुरूष मतदाताओं की अपेक्षा महिला मतदाताओं ने अधिक संख्या में वोट किये।
2014 के लोक सभा चुनावों में विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से सबसे कम मतदान वाले पांच बूथों पर नजर डाले तो बदरीनाथ विधान सभा क्षेत्र के जिन बूथों पर सबसे कम मतदान हुआ था, उनमें मालकोटी में शून्य, तोणजी में 0.71, मोल्टा में 2.11, डुमुक में 3.24 तथा संयूण में 25.44 प्रतिशत मतदान हुआ था। थराली विधान सभा क्षेत्र के जिन बूथों पर सबसे कम मतदान हुआ था उनमें सिलोरी में 1.30, तलवाडी में 1.33, माल में 38.48, कंडवालगांव में 39.91 तथा रतगांव में 40.53 प्रतिशत मतदान हुआ था। कर्णप्रयाग विधान सभा क्षेत्र के जिन बूथों पर सबसे कम मतदान हुआ था उनमें केदारूखाल में 38.27, कोलसों में 39.35, कुशरानतल्ली में 39.76, कर्णप्रयाग में 40.71तथा पीडब्लूडी कर्णप्रयाग में 42.31 प्रतिशत मतदान हुआ था।

विधानसभा चुनाव 2017 एक दृष्टि
विधानसभा चुनाव 2017 को देखे तो जिले में 59.54 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें बदरीनाथ विधान सभा में 61.62 प्रतिशत, थराली में 58.04 प्रतिशत तथा कर्णप्रयाग में 58.97 मतदान हुआ था। इस चुनाव में भी महिला मतदाताओं ने ही अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में 53.54 पुरूष तथा 65.82 प्रतिशत महिला मतदाताओ ने अपने वोट किया।
2017 के विधान सभा चुनावों में विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से सबसे कम मतदान वाले पांच बूथों पर नजर डाले तो बदरीनाथ विधान सभा क्षेत्र के जिन बूथों पर सबसे कम चुनाव हुआ था, उनमें सुनील में 32.77, गोपेश्वर में 38.78, केएवी जोशीमठ में 40.87, जीआईसी गोपेश्वर में 40.82 तथा कुंड में 41.34 प्रतिशत मतदान हुआ था। थराली विधान सभा क्षेत्र के जिन बूथों पर सबसे कम मतदान हुआ, गबनी में 41.02, सूया में 44.23, मौना में 45.16, चोपराकोट में 45.60 तथा देवाल बूथ पर 46.30 प्रतिशत मतदान हुआ। कर्णप्रयाग विधान सभा क्षेत्र के जिन बूथों पर सबसे कम मतदान हुआ था उनमें कर्णप्रयाग में 36.99, धनपुर में 40.19, नौली में 42.65, सलियाणा में 42.77 तथा कोलडुंग्री में 43.68 प्रतिशत मतदान हुआ था।
हालांकि कम मतदान वाले मतदान केंद्र पर जिला निर्वाचन अधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरिया ने ने पिछले लोक सभा एवं विधान सभा चुनाव में सबसे कम मतदान प्रतिशत वाले सभी बूथों पर स्वीप कार्यक्रम के तहत वृहद मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिये है। जनपद के इन सभी मतदेय स्थलों पर ब्लाक समन्वयक एवं बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया भी जा रहा है लेकिन मतदाता कितने जागरूक हो पाते है यह समय भी बता पायेगा।

 

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