29 वर्षों बाद मृत घोषित स्वंतत्रता संग्राम सैनानी कुर्मानंद डिमरी को

Publish 19-03-2019 19:05:58


29 वर्षों बाद मृत घोषित स्वंतत्रता संग्राम सैनानी कुर्मानंद डिमरी को

गोपेश्वर/चमोली (जगदीश पोखरियाल)।  दशोली ब्लॉक के देवलधार गांव से 29 वर्षों से लापता स्वतंत्रता संग्राम सैनानी को कुर्मानंद डिमरी को मृत घोषित कर दिया गया है। कुर्मानंद डिमरी 7 जून 1990 को ऋषिकेश से लापता हो गये थे। जिसके बाद उनके पुत्र उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिये दर-दर की ठोकरें खाने के बाद न्यायालय की शरण में गये थे। जिस पर मामले में सुनवाई करते हुए मामले में फैसला सुनाते हुए कुर्मानंद डिमरी को मृत घोषित किया है।
मामला वर्ष 1990 के 7 मार्च का है। इस दिन देवलधार निवासी कुर्मानन्द डिमरी परीवारिक शादी समारोह के बाद से संदिग्ध परिस्थितियों में कहीं गायब हो गये। जिसके बाद परिजनों ने उनके लापता होने की लिखित शिकायत ऋषिकेश थाने में दर्ज कराई। लेकिन 2018 तक उनका कोई सुराग न लगने और उनके मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने से उनके आश्रितों को उनकी संपत्ति पर अधिकार नहीं मिल सका। जबकि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 108 के तहत परिजनों को 7 वर्षों में व्यक्ति का कोई सुराग न मिलने पर मृत्यु की घोषणा का प्रावधान है। लेकिन मामले में ऐसा न होने पर उनके पुत्र हरिशरण डिमरी द्वारा 25 अप्रैल 2018 को सिविल जज ( जूनियर डिविजन) की न्यायालय में दिवानी वाद दायर किया गया। जिसकी सुनवाई करते हुए सिविल जज (जूनियर डिविजन) मन्जू देवी ने फैसला सुनाते हुए कुर्मानंद डिमरी को दीवानी मृत की उपधारणा उद्घोषित की। मामले की विवेचना के बाद न्यायालय की ओर से यह फैसला सुनाया गया। न्यायालय में मामले की पैरवी अधिवक्ता मनोज भट्ट ने की। न्यायालय के फैसले पर कुर्मानन्द डिमरी के पुत्रों आभार जताते हुए राहत की सांस ली है।

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