बदरीनाथ धाम की सड़क पर जमीं बर्फ एक चुनौती

Publish 22-03-2019 18:56:05


बदरीनाथ धाम की सड़क पर जमीं बर्फ एक चुनौती

गोपेश्वर/चमोली (जगदीश पोखरियाल)। बदरीनाथ धाम में शीतकाल में हुई भारी बर्फवारी से यहां करीब 12 अस्थाई दुकानें क्षतिग्रस्त पडी हैं। इसके साथ ही यहां बामणी व माणा गांवो में भी ग्रामीणों के भवनों पर खासा नुकसान हुआ है। धाम में अभी भी करीब नौ फिट बर्फ जमीं होने से धाम में हुई क्षति का पूरा अंदाजा नहीं लग पा रहा है। वहीं रडांग बैंड से आगे बदरीनाथ धाम तक पांच फिट बर्फ जमी होने से यहां आवाजाही भी शुरु नहीं हो पाई है। ऐसे में आगामी 10 मई को बदरीनाथ के कपाट खोला प्रशासन और बीआरओ के लिये चुनौती बना हुआ है।
शीतकाल में हुई भारी बर्फवारी से अभी तक धाम में नौ फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। जिससे यहां मंदिर सभामंडप सहित आवासीय भवन और दुकानें बर्फ में दबी हुई हैं। बर्फवारी से धाम में अभी तक 12 दुकानों के क्षतिग्रस्त होने का पता चला है। जबकि बर्फ में दबी दुकानों और आवासीय भवनों में भी क्षति का अभी आंकलन नहीं किया जा सका है। ऐसे में दुकानों के क्षतितग्रस्त होने से कपाट खुलने के मौके पर यहां आवासीय और भोजन व्यवस्था को लेकर तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पडेगा। वहीं बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर राडांग बैंड से बदरीनाथ धाम तक 10 किमी हाईवे पांच फीट बर्फ में दबा है। यहां कुछ स्थानों पर करीब 50 फीट ऊंचे ग्लेशियर हाईवे पर अटे हुए हैं। हालांकि बीआरओ की ओर से यहां हाईवे से बर्फ हटाने का कार्य शुरु कर दिया गया है। लेकिन यहां बार-बार मौसम में हो रहे बदलाव से कार्य बाधित हो रहा है। जिसे बदरीनाथ धाम की यात्रा निर्धारित समय पर शुरु करवाना प्रशासन और बीआरओ के लिये चुनौती बना हुआ है।

क्या कहते है अधिकारी
बदरीनाथ हाईवे से बर्फ हटाने का कार्य बीआरओ की ओर से किया जा रहा है। अन्य व्यवस्थाओं के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। लोकसभा चुनाव मतदान के बाद सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवा लिया जाएगा। धाम के कपाट खुलने तक सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंध करवा ली जाएंगी।
स्वाती एस भदौरिया, जिलाधिकारी, चमोली।

 

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