मौसम खुलाः बर्फवारी से औली व चोपता मोटर मार्ग बंद

Publish 08-02-2019 23:17:17


मौसम खुलाः बर्फवारी से औली व चोपता मोटर मार्ग बंद

जगदीश/संजय/दीपक/रमेश की एक रिपोर्ट
गोपेश्वर/जोशीमठ/कर्णप्रयाग/थराली।
गुरूवार की सुबह से लेकर देर रात तक हुई वर्षा व भारी हिमपात के बाद शुक्रवार को चमोली जिले में मौसम साफ हो गया है। लोग गुनगुनी धूप का आनंद ले रहे है। वहीं भारी बर्फवारी के कारण जिले की जोशीमठ-औली तथा गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग बाधित चल रहा है। जिसे खोलने के प्रयास किये जा रहे है।
गुरूवार की वर्षा और हिमपात के बाद शुक्रवार को मौसम साफ हो गया है। जिससे जनपद वासियों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम के खराब होने के कारण जिले में शीत लहर चल रही थी। जिससे जन जीवन कुछ अस्त व्यस्त सा हो गया था। शुक्रवार को मौसम साफ होने के बाद लोगों ने गुनगुनी धूप का आनंद लिया। वहीं भारी बर्फवारी के कारण जिले की दो प्रमुख सडके अवरूद्ध हो गई है। जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दे दिए है। क्षेत्र के पर्यटन विशेषज्ञ संजय कुंवर ने बताया की अभी औली क्षेत्र में करीब आठ फीट बर्फ गिरी हुई है। ये बर्फ सीमांत के पर्यटन कारोबारियों के लिए काफी फायदे मंद साबित हो सकती बशर्त जोशीमठ औली मोटर मार्ग खुला रहे और औली मे अप्रेल माह तक भी विंटर खेलो का आयोजन हो सकेे।
इधर पिंडर घाटी की ऊचांई पर बसे बुग्यालो एवं उससे लगे  गांवो मे हुए हिमपात एवं निचले क्षेत्रो में हुई भारी बरसात के चले क्षेत्र हुई ठिठुरन के बाद शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक खिली धूप ने ठिठुरन से कुछ राहत दी किंतु उसके बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ली आसमान मे बादल छाने के साथ ही ठंडी हवाओ के कारण ठंड बढ गयी।         ऊचाई पर बसे घेस, ब्लाणं हिमनी, पिनाऊ, लौहाजंग, कुलिंग, वांण, रामपुर तोरती, सौरीगाड सहित तमाम गांवो में जम कर बर्फबारी है।
उधर कर्णप्रयाग में गुरुवार रात्री बारिश के चलते नगर के सेमी ग्वाड़, देवतोली में नलो से गंदा पानी आ रहा है। जिस कारण लोगो को पीने का पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतो का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय अरविंद कुमार, प्रमोद कुमार, गीता देवी, महेशी देवी, रोशन  आदि का कहना है कि हल्की बारिश पर नलों में गंदा पानी आने लगता है। जिस कारण उन्हें सुध पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वही देवतोली और सेमि ग्वाड़ में लगे हैंडपंप भी खराब पड़े हुए है। कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नही हो पाया है।लोगी ने पेयजल स्रोतों पर फिल्टर लगाने की मांग की है।

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