आकाशवाणी गोपेश्वरः क्या से क्या हो गया

Publish 11-02-2019 22:13:09


आकाशवाणी गोपेश्वरः क्या से क्या हो गया

गोपेश्वर/चमोली(जगदीश पोखरियाल)। ये आकाशवाणी का गोपेश्वर केंद्र है। ये सुनने के लिए चमोली जनपदवासियों के कान तरसते ही रह गये मगर उनका यह सपना साकार न हो सका, और अब शायद ही कभी साकार हो सके, क्योंकि कर्मचारियों की कमी के चलते अब यह आकाशवाणी केंद्र रिले केंद्र बन कर रह गया है।  जिले में प्रसार भारती की ओर 17 वर्ष पूर्व आकाशवाणी केंद्र की स्थापना की थी। लेकिन वर्तमान तक केंद्र में कर्मचारियों की तैनाती न होने यहां लाखों की लागत से लगी मशीनें धूल फांक रही हैं।
बता दें, कि वर्ष 2001 में वर्तमान गढ़वाल सांसद और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देनेे की मंशा से गोपेश्वर में आकाशवाणी केंद्र का शुभारंभ किया थे। केंद्र से तीन माह तक कार्यक्रमों का प्रसारण किया गया। लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते तीन माह बाद केंद्र से कार्यक्रमों का प्रसारण बंद कर दिया गया। जिससे अब करोडों की लागत से बना आकाशवाणी केंद्र महज रिले प्रसारण केंद्र बनकर रह गया है। कई बार स्थानीय कलकारों और नाट्य संस्थाओं ने केंद्र के सुचारु संचालन की मांग उठाई गई। लेकिन केंद्र की स्थिति जस की तस बनी हुई है। केंद्र का सुचारु संचालन न होने से यहां केंद्र में लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। केंद्र के सहायक अभियंता अभिषेक सैनी का कहना है कि गोपेश्वर आकाशवाणी केंद्र में स्टूडियों स्टॉफ न होने के चलते केंद्र का संचालन नहीं हो पा रहा है।



क्या कहते है स्थानीय कलाकार
अक्षत नाट्य संस्था के अध्यक्ष व कलाकार विजय वशिष्ठ और लोक गायक किशन महिपाल का कहना है कि आकाशवाणी केंद्र गोपेश्वर का संचालन होने से जहां क्षेत्र की प्रतिभओं को एक मंच मिल सकता है। वहीं कलाकारों को रोजगार के लिये बाहरी क्षे़त्रों में जाने से रोका जा सकता है।

क्या कहते है अधिकारी
आकाशवाणी केंद्र में कर्मचारियों की कमी के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। साथ ही विभागी अधिकारियों से केंद्र के सुचारु संचालन के लिये उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
हंसादत्त पांडे, सीडीओ, चमोली।

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