अवैध खनन से उर्गम घाटी के देवग्राम का अस्तित्व खतरे में

Publish 01-02-2019 16:46:50


अवैध खनन से उर्गम घाटी के देवग्राम का अस्तित्व खतरे में

जोशीमठ/चमोली(संजय कुँवर)। देवभूमि उत्तराखंड में चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक की उर्गम घाटी जो अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। इस घाटी को कुछ समय से अवैध खनन वालों की नजर लग गई है। प्रतिबंध के बावजूद यहां पर कल्प नदी में अवैध खनन जारी है। जिससे कल्प गंगा के उपरी भाग में बसे देवग्राम खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन तक को कर दी है लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है।


देवग्राम के वन पंचायत सरपंच रघुवीर सिंह नेगी का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद देवग्राम को विस्थापन की सूची में रखा गया है लेकिन अभी तक इस गांव के विस्थापन की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। अभी भी लोग खतरे की जद में जी रहे है। कहा कि गांव की स्थिति को देखते हुए कल्प गंगा में खनन पर वन पंचायत ने प्रतिबंध लगाया था लेकिन कुछ समय से कुछ लोग खच्चरों के माध्यम से कल्प गंगा से अवैध खनन कर रहे है जिससे गांव को और भी खतरा पैदा हो गया है। कहा कि आजकल में वर्षा और बर्फवारी हो रही है जिसके चलते खतरा और भी बढ गया है। कहा कि इस अवैध खनन को रोकने के लिए वन विभाग व प्रशासन को कई बार लिखा व मौखिक रूप से कहा जा चुका है लेकिन वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर वन विभाग के आलाधिकारी मामले की जानकारी न होने की बात कह कर अपना पल्ला झाड रहे है। वहीं आपदा प्रबंधन विभाग भी विस्थापन की कार्यवाही चलने की बात कर रहा है।

क्या कहते है अधिकारी
अवैध खनन किये जाने का मामला मेरी संज्ञान में अभी नहीं आया है। यदि ऐसा हो रहा है तो इस पर कार्रवाई की जायेगी।
त्रिलोक सिंह शाही, प्रभागीय वनाधिकारी, नंदादेवी वन प्रभाग, जोशीमठ।

देवग्राम को लेकर विस्थापन की कार्रवाई चल रही है। शासन स्तर पर मामला गया है। जैसे ही संस्तुति मिलेगी विस्थापन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी।
नंदकिशोर जोशी, आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली।

To Top