26 साल बाद एक बार फिर अयोध्या में भगवान राम का मंदिर और बाबरी मस्जिद विध्वंस का मामला राजनीति के केंद्र में

Publish 06-12-2018 18:11:30


26 साल बाद एक बार फिर अयोध्या में भगवान राम का मंदिर और बाबरी मस्जिद विध्वंस का मामला राजनीति के केंद्र में

अयोध्या/उत्तर प्रदेश (रघुनाथ प्रसाद शास्त्री): अयोध्या में आज के दिन ही कारसेवकों ने 1992 में महज 17 से 18 मिनट के अंदर ही  विवादित ढांचे को ढहा दिया था। आज बाबरी मस्जिद विध्वंस के 26 साल बाद एक बार फिर अयोध्या में भगवान राम का मंदिर और बाबरी मस्जिद विध्वंस का मामला राजनीति के केंद्र में है। भारतीय जनता पार्टी समेत देश की कई राजनीतिक पार्टियां अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए हुंकार भर रही हैं। उनके अनुसार अयोध्या में विवादित जमीन पर  बगैर किसी देरी के भगवान राम का ही मंदिर बनना चाहिए। आलम यह है कि राजनीतिक दल ही नहीं मंदिर निर्माण  को लेकर बीजेपी के सांसद भी बगैर रोक-टोक बयान दे रहे हैं। पिछले दिनों सांसद साध्वी प्राची ने अगले महीने की छह तारीख को ही राम मंदिर का शिलांयास करने की बात कही थी वहीं उन्नाव जिले के सांसद साक्षी महाराज ने भी यही बात कही थी उन्होंने कहा कि रामलला भी शायद यही चाहते हैं कि जिस दिन बाबरी मस्जिद ढहाई गई उसी दिन से मंदिर का निर्माण शुरू हो 6 दिसंबर 1992 का दिन भारत के इतिहास में बाबरी मंदिर विध्वंस के रूप में जाना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट में है मामला
आपको बता दें कि एक तरफ कई पक्षों की तरफ से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए केन्द्र सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है, तो वहीं अभी रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर जनवरी, 2019 में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आस्था के आधार पर नहीं बल्कि जमीन विवाद के हिसाब से हो रही है ।
गौरतलब है कि आज से 26 साल पहले अयोध्या में 6 दिसंबर को लाखों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या पहुंचकर बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था उग्र भीड़ ने तकरीबन 5 घंटे में ढांचे को तोड़ दिया था इसके बाद देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए और इसमें कई बेगुनाह मारे गए थे
मीडिया से बातचीत में मनीष पान्‍डेय ने कहा है कि गुरुवार को राम मंदिर के निर्माण के संकल्‍प के अलावा 6 दिसंबर 1992 को मारे गए कारसेवकों को श्रद्धांजलि देने का भी कार्यक्रम है। इस मौके पर साधु, संत भी मौजूद रहेंगे। राम मंदिर बनाने को लेकर साधु, संतों ने भी अपनी गत‍िविधियां तेज कर दी हैं । अखाड़ा परिषद के नागा साधु बड़ी संख्या में अयोध्या कूच कर रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है। धर्मसभा के बाद साधु, संत विभिन्न आयोजनों के माध्यम से इस मुद्दे को गर्म रखना चाह रहे हैं। संतों का कहना है कि अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं रह गया है।


मंगलवार को भी पुलिस ने तपस्‍वी आश्रम के महंत परमहंस दास को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्‍हें 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया गया। परमहंस दास ने आत्‍मदाह का ऐलान किया था। इसके अलावा पुलिस ने 6 दिसंबर को अयोध्या में कार सेवा करने की घोषणा करने वाले हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है।कमलेश तिवारी अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए कार सेवा करने के लिए अयोध्या जा रहे थे। अयोध्या पहुंचने से पहले ही कमलेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

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