गेहूं व आम के लिये आफत बनी बारिश

Publish 28-02-2019 21:10:39


गेहूं व आम के लिये आफत बनी बारिश


अल्मोड़ा 08 अगस्त, यहां जनपद के तमाम सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों का यात्रा अवकाश स्वीकृत नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते जहां शिक्षकों में रोष है, वहीं संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी इसकी अनुमति नहीं मिलने से खुद को असहज महसूस कर रहे हैं।
यहां यह उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग मंे वर्ष में एक बार यात्रा अवकाश का प्रावधान है। शिक्षकों का आरोप है कि गत सितंबर माह से अल्मोड़ा में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने यात्रा अवकाश दिये जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि सितंबर 2017 के बाद भी प्रधानाचार्यों ने यात्रा अवकाश स्वीकृत किया, लेकिन इस पर संबंधित प्रधानाचार्यों को कड़ी फटकार सुनने को मिली है। आज प्रधानाचार्यों की हालत ऐसी है कि वह अपने किसी भी शिक्षक या मताहतों का यात्रा अवकाश स्वीकृत नहीं कर पा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गत दिनों हुई एक बैठक में सीईओ जगमोहन सोनी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी भी प्रधानाचार्य ने यात्रा अवकाश दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। इस आदेश के बाद अब प्रधानाचार्य भी बेबस हो चुके हैं। शिक्षक उनसे यात्रा अवकाश की मांग कर रहे हैं और वह स्वीकृत नहीं कर पा रहे। इधर शिक्षकों का कहना है कि जब संपूर्ण उत्तराखंड में शिक्षकों को यात्रा अवकाश स्वीकृत है तो अकेले अल्मेाड़ा जनपद में ही इस पर कैसे रोक लग सकती है।

यात्रा अवकाश देने का प्रावधान नही बन रहा है: सीईओ
अल्मोड़ा 08 अगस्त, 
सीईओ जगमोहन सोनी ने कहा कि 48 घंटे के अतिरिक्त समय में यात्रा अवकाश में ही छुट्टी का प्रावधान है, किंतु अल्मोड़ा में ऐसा कोई भी स्थान नहीं है जहां 48 घंटे के भीतर नही पहुंचा जा सकता। जो यह शिक्षक जानकारी दे रहे हैं, वह पूरी तरह भ्रामक है। नियमों के तहत कोई प्रावधान शिक्षकों को यात्रा अवकाश का नहीं मिल सकता।

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