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18-11-2018 21:34:20

भाजपाई व पुलिस भी उल्टे पांव लौटने को हुई मजबूर
ग्रामसभा स्तर पर जनसुनवाई की मांग पर अड़े ग्रामीण
कोटद्वार/पौड़ी।
जनसुनवाई का दूसरा दिन बहुत ही हंगामेदार रही। नगर निगम विरोध में लोगों ने तहसील में पुरजोर विरोध किया और सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष की अगुवाई में आए भाजपाइयों को भी निगर निगम के विरोध कर रहे आंदोलनकारियों का सामना करना पड़ा और उल्टे पांव लौटने को मजबूर होना पड़ा। हंगामा बढ़ता देख प्रशासन ने जब पुलिस बुलाई तो प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए जिसके बाद पुलिस कर्मियों को भी उल्टे पांव लौटने को मजबूर होना पड़ा।
बुधवार को यहां तहसील में नगर निगम के विरोध में जनसुनवाई का दूसरा दिन काफी हंगामा हुआ। जनसुनवाई शुरू होते ही नगर निगम का विरोध कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभागार से उठकर बाहर आ गए। कुछ ही देर बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट की अगुवाई में भाजपाई तहसील सभागार पहुंचे, लेकिन नगर निगम विरोध कर रहे लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सत्तापक्ष के लोग फर्जी आपत्तियां लेकर आएं है और नगर निगम के पक्षधर बनकर आम जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और अधिकांश भाजपाई नगर में निवास करते हैं। हंगामा बढ़ता देख उप जिलाधिकारी ने पुलिस बुला ली, पुलिस को देखकर आंदोलनकारी और उग्र हो गए, जिसके बाद पुलिस को उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा। बाद में विरोध बढ़ता देख जिलाध्यक्ष समेत समस्त भाजपाई भी वहां से भाग खड़े हुए। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि न्यायालय में सरकार और उसके नुमाइंदे नगर निगम को लेकर वादी हैं और ऐसे में सरकार और उसके प्रतिनिधियों को जनसुनवाई का कोई अधिकार नहीं बनता है। सरकार को चाहिए कि वह जनसुनवाई में पारदर्शिता अपनाते हुए इसके लिए राज्यपाल द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति या न्यायालय के रिटायर जज को जनसुनवाई के लिए नियुक्त करें। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप था कि जनसुनवाई में सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। देहरादून में नगर निगम के विस्तार के बाद मिलाए गए ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनसुनवाई की जा रही है, जबकि कोटद्वार में जनसुनवाई बंद कमरे में हो रही है। यदि सरकार वास्तव में जनसुनवाई चाहती है तो जनसुनवाई ग्रामसभा की खुली बैठक में हो और वहीं आपत्तियों का निस्तारण भी किया जाय।