कोटद्वार नगर निगम चुनाव : मेयर पद के टिकिट के लिए घमासान , जातीय समीकरण जुड़ने हुए शुरू

Publish 21-10-2018 11:40:05


कोटद्वार नगर निगम चुनाव : मेयर पद के टिकिट के लिए घमासान , जातीय समीकरण जुड़ने हुए शुरू

कोटद्वार । भाजपा की ओर से लैंसडौंन के विधायक दिलीप रावत की पत्नी नीतू रावत को मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस की समीकरण गडबडा गई है। दरअसल कोटद्वार में होने वाले हर चुनाव में ब्राह्मण ठाकुर वाद हमेशा ही हावी रहता है। ब्राह्मण वोटर भाजपा का काडर वोट बैंक माना जाता हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस भी किसी ठाकुर दावेदार को ही प्रत्याशी घोषित करती है तो चुनाव में पार्टी की जीत की राह आसान नहीं होगी। लगातार एक के बाद एक चुनाव में मिली हार से पस्त कांग्रेस निकाय चुनाव से अपनी जीत की राह प्रशस्त करना चाहती है। साथ ही इस चुनाव के परिणाम आने वाले लोकसभा चुनाव में जीत का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी। भाजपा को नगर निगम के चुनाव में हराने के लिए कांग्रेस हर कदम फूंक-फूंक कर रखती नजर आ रही है।

भाजपा की समीकरण को कांग्रेस एक ही सूरत में बिगाड़ सकती है कि वह पार्टी के अभी तक के नियम कायदों को ताक पर रखकर ब्राह्मण प्रत्याशी घोषित कर भाजपा के काडर वोट बैंक पर सेंधमारी करे। कांग्रेस अभी तक ठाकुर प्रत्याशियों को ही खड़ा करती आ रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस किस जाति के दावेदार को अपना प्रत्याशी घोषित करती है। क्या कांग्रेस ब्राह्मण प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारती है या फिर ठाकुर प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी। अब यह तो कांग्रेस के प्रत्याशी घोषणा करने के बाद ही पता चल पायेगा । बरहाल नगर पालिका से नगर निगम बने कोटद्वार में इस बार चुनाव तो दिलचस्प होगा ही ।

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