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कृष्णा कि दावेदारी से बीजेपी कांग्रेस में बड़ी हलचल , ब्राह्मण चेहरे के रूप में भी देखी जा सकती है कृष्णा की दावेदारी

19-10-2018 13:02:32

कोटद्वार नगर निगम अभी तक दोनों पार्टियों मेसे किसी भी ब्राहमण चेहरे का नाम नही आया सामने
कृष्णा की  मजबूत पकड है ग्रामीणों पर
ग्रामीणों के लिए हर समय मदद के लिए तैयार रहती है कृष्णा
कांग्रेस प्रदेश सचिव कृष्णा बहुगुणा की दावेदारी से पार्टी और विपक्षी खेमे में खलबली.....
मेयर पद के लिए कांग्रेस से ठोक चुकी हैं ताल, पार्टी हाई कमान पर है मजबूत पकड़........


कोटद्वार । कोटद्वार नगर निगम चुनाव को लेकर कोटद्वार ही नही अपितु पुरे प्रदेश में हलचल है जहाँ सभी प्रत्याशी अपनी जोड़ तोड़ में जुटे है तो वहीँ कांग्रेस कि और से कृष्णा बहुगुणा ने  मेयर के लिए दावेदारी कि है | कृष्णा बहुगुणा अपनी राजनैतिक पकड़ के चलते प्रदेश के कई नेताओ कि खास मानी जाती है | यदि हम बात जातीय समीकरण कि करे तो कोटद्वार नगर निगम चुनाव में ब्राह्मण चेहरे के रूप में भी कृष्णा हो सकती है | अपनी साफ़ स्वच्छ छवि के चलते कृष्णा कोटद्वार के लोगो की पसंद हो सकती है | आपको बताते चले कि  महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव कृष्णा बहुगुणा ने मेयर पद पर दावेदारी प्रस्तुत कर राजनीति के कुरुक्षेत्र में कृष्णा बहुगुणा मैदान में आ गई है , पार्टी के अन्य दावेदारों के साथ ही विपक्षियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

फाइल फोटो : आपदा में लोगो के घरो से मलबा निकलवाती कृष्णा बहुगुणा


प्रदेश नेतृत्व में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सूर्यकांत धस्माना सभी से घनिष्ठ संबंध होने के कारण शीर्ष नेतृत्व में भी उनकी मजबूत पकड़ है। प्रदेश भाजपा सरकार द्वारा कोटद्वार क्षेत्र के सुखरौ और खोह नदी में खनन की आड़ हो रहे अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोलकर राष्ट्रीय न्यूज चैनलों की सुर्खिया बनी कृष्णा बहुगुणा की दावेदारी से पार्टी के भीतरी खेमे में ही नहीं बल्कि विपक्षी दलों में भी हलचल है। कृष्णा वर्तमान में कांग्रेस की प्रदेश सचिव हैं। राज्य गठन के साथ ही कांग्रेस से जुड़ी कृष्णा की हालांकि पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है, लेकिन वह किसी पहचान की मोहताज भी नहीं है।


सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्षी पार्टियों के नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध हैं और उनका वर्चस्व पूरे नगर निगम में है। वर्ष 1991 में महिला मंगल दल कुंभीचौड की अध्यक्ष रही। वर्ष 2004-05 में सरपंच वन पंचायत भट्टी गांव रही। कृष्णा 2004 से 2007 तक महिला हैल्प लाइन में बतौर काउंसलर रही । इस दौरान उन्होंने जहां गरीब हिंदू-मुस्लिम पीड़ित कन्याओं का विवाह स्वयं के खर्चे पर कराकर गरीबों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई। वर्ष 2007-009 उत्तराखंड में महिला किसान पौधशाला में मास्टर ट्रेनर बनी। वर्ष 2009 से उत्तराखंड वन पंचायत की मास्टर ट्रेनर रही। 2006-2008 तक भारतीय उपभोक्ता संरक्षण की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष पद पर विराजमान रही।

फाइल फोटो : अवैध खनन के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठी कृष्णा बहुगुणा


वर्ष 2009 में महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव बनी । वर्ष 2014 में कांग्रेस कमेटी के पंचायत प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव बनी। वर्ष 2015 में वन पंचायत सलाहकार परिषद उत्तराखंड की सदस्य रही।  वर्तमान में वह कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव,  राहलु गांधी युवा संगठन की राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय सवर्ण सेवक संघ की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष, अंतर राज्य फल मंडी हल्द्वानी की निदेशक, जिला भेषज संघ कोटद्वार की निदेशक, वन पंचायत उत्तराखंड की प्रदेश संगठन मंत्री और मीडिया प्रभारी, पर्वतीय ठेकेदार संघ दुगड्डा की अध्यक्ष है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष और डीसीडीएफ की निदेशक भी हैं। महत्वपूर्ण पदों पर होते हुए भी वह संघर्षशील, जुझारू होने के साथ ही कार्यकर्ताओं में मजबूत पकड़ रखती है। यदि पार्टी उन्हें मेयर पद का प्रत्याशी बनाती है तो ऐसे में वह विपक्ष के लिए चुनौती खड़ी कर सकती है। देखने वाली बात यह होगी की पार्टी हाईकमान उन पर विश्वास जता उन्हें चुनाव मैदान में उतारती है या फिर किसी अन्य पद दांव लगाती है। यदि हम इन बातो को छोड़कर बात हम जातीय समीकरण की करे तो कोटद्वार नगर निगम चुनाव में कृष्णा को ब्राह्मण चेहरे के रूप में भी अभी तक एक मात्र मजबूत प्रत्यासी के रूप में देखि जा रही है |