बागियों कि धमक से भाजपा बेचैन , भाजपा कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती विभा चौहान

Publish 29-10-2018 21:27:35


बागियों कि धमक से भाजपा बेचैन , भाजपा कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती विभा चौहान

कोटद्वार। कोटद्वार नगर निगम के मेयर पद के चुनाव में भाजपा अपने बागियों की धमक से गंभीर बैचेन दिखाई दे रही है। नेताओं के बागी होने के बाद भाजपा प्रदेश हाई कमान कार्यकर्ताओं को थामने के लिए कोटद्वार में डेरा डालने वाली है। सूत्रों के अनुसार भाजपा से बागी हुये दिग्गज नेताओं को मनाने में असफल हुई भाजपा अब कार्यकर्ताओं को थामने की कोशिश करने जा रही है। भाजपा के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आज देर शाम कोटद्वार पहुचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, प्रदेश संघठन मंत्री संजय, कैबिनेट मंत्री हरर्क ंसंह रावत, राज्य मंत्री धन सिंह रावत, गढ़वाल लोक सभा प्रभारी कैलाश शर्मा, पौडी जिला प्रभारी कैलाश पंत आदि कोटद्वार में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगें। यह बैठक एक वैडिंग प्वाइंट में आयोजित की गई है। इसमें बताया गया है कि भाजपा के मेयर प्रत्याशी के साथ साथ सभी 40 वार्डों के प्रत्याशी व पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहेंगें। भाजपा प्रदेश आलाकमान की इस लावलसकर से राजनीतिक क्षेत्रों में कयास लगाये जा रहें हैं कि भाजपा कोटद्वार नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर अपने बागियों से खासी खौफजदा है। भाजपा का अपने बागियों से खौफजदा क्यों न हो जब जनता और कार्यकर्ताओं की ओर से उसे बागियों के पक्ष में समर्थन की सुगबुगाहट सुनाई दे रही हो।भाजपा द्वारा कोटद्वार नगर निगम के मेयर पद पर लैंसडोन के विधायक दलीप रावत की पत्नी को प्रत्याशी बनाये जाने के बाद भाजपा की अन्य महिला व पुरूष नेताओं में भारी रोष फैल गया। इससे मेयर की दौड़ में चल रहे कुछ नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ अपना नामांकन करा दिया और कुछ ने शांति बना रखी है। मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन करने वालों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ नेता धीरेन्द्र सिंह चौहान ने अपनी पत्नी विभा चौहान को मैदान में उतारा है। जबकि सुखरौ क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य सुधा सती स्वयं मैदान में है। साथ ही नगर पालिका की पूर्वाध्यक्ष शशि नैनवाल भी जीत के लिए मैदान में खडी हैं। भाजपा नेताओं द्वारा इन तीनों बागी नेताओं को नाम वापसी के दिन तक मनाने की पूरी कोशिश की किंतु उन्होंने भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए किसी भी हालत में मैदान से हटने से इंकार कर दिया।

भाजपा कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती विभा चौहान

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह चौहान काफी समय से भाजपा में कोटद्वार से विधायक का टिकट मांग रहे थे किंतु हर बार इस सीट पर पैरासूट प्रत्याशी लाकर सरकार में कुछ पद देने की बात  के साथ सांत्वना दी जाती रही। भाजपा नेता धीरेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार इस बार जब उन्हें पहले ही अपनी पत्नी को मेयर का चुनाव लडाने की हरी झण्डी दे दी गई थी। बावजूद इसके एनवक्त पर उनकी पत्नी का टिकट काटकर लैंसडोन के विधायक दलीप रावत की पत्नी को टिकट दे दिया गया तो उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने पार्टी से उम्मीद छोड दी। जिस कारण उन्होंने अपनी पत्नी को भाजपा के प्रत्याशी के खिलाफ मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा है।धीरेन्द्र सिंह चौहान अर्द्धसैनिक बल रिटायर्ड अधिकारी हैं। उन्होंने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से सबसे पहले मुन्ना सिंह चौहान की पार्टी से विधायक चुनाव लडा। जिसमें उन्होंने भाजपा कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दलों को कडी चुनौती दी थी। उसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गये और गढवाल सांसद पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूडी के करीबियों में शामिल हो गये। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होने कोटद्वार विधान सभा क्षेत्र से भाजपा से टिकट मांगा था लेकिन तब भुवन चंद्र खण्डूडी के द्वारा स्वयं यहां से चुनाव लडने पर वे मैदान से हट गये थे। चूंकि चुनाव में भाजपा सरकार बनाने से रह गई थी इसलिए उन्हें केवल जिलाध्यक्ष पद पर रह कर ही संतोष करना पडा। इसके बाद 2017 में उन्होंने फिर विधायक के टिकट की मांग पार्टी से की लेकिन तब कांग्रेस से भाजपा में आये तेज तर्रार नेता डॉ. हरक सिंह रावत के यहां से चुनाव लडने पर उन्हें फिर मायूस होना पडा। कोटद्वार नगर निगम बनने के बाद उन्होंने सामान्य और महिला दोनों स्थिति में मेयर पद की टिकट की मांग कर डाली। बताते हैं कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें हरी झण्डी दे दी। लेकिन एनवक्त पर उनका टिकट काटकर लैंसडोन के विधायक दलीप रावत की पत्नी नीतू रावत को टिकट दे दिया। इस बार धीरेन्द्र सिंह  चौहान की पार्टी निष्ठा उनके टूटते धैर्य के सामने नहीं टिक पाई।धीरेन्द्र चौहान के अनुसार उनकी पत्नी विभा चौहान के मेयर प्रत्याशी होने से भाजपा के हजारों कार्यकर्ता पार्टी के निर्णय के खिलाफ काम करने का मन बना बैठें हैं। धीरेन्द्र चौहान का कहना है कि उनकी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का रूझान जहां एक ओर उनकी समाज सेवाओं का परिणाम है वहीं भाजपा के द्वारा परिवारवाद पनपाएं जाने को लेकर पार्टी के अंदर व मतदाताओं में चली आंधी का असर भी है।

क्षेत्र भ्रमण करने पर धीरेन्द्र सिंह चौहान के दावे का भी किसी हद तक समर्थन दिखाई दे रहा है। जिससे कहा जा सकता है कि चुनाव के शुरूआती दौर में विभा चौहान भाजपा प्रत्याशी से आगे दिखाई दे रही हैं

वरिष्ठता का हननः सुधा सती भाजपा से बागी हुई कोटद्वार मेयर पद की प्रत्याशी सुधा सती अपनी वरिष्ठता को नजरअंदाज किये जाने के कारण आहत होकर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व उससे जुडे अनेक कार्यक्रमों में पिछले साल से सक्रिय रही सुधा सती कोटद्वार नगर निगम बनने तक पदमपुर सुखरौ से जिला पंचायत की सदस्य रही है। उनके द्वारा कोटद्वार नगर निगम के मेयर पद के लिए अपनी वरिष्ठता के आधार पर टिकट की मांग की गई थी। किंतु धनबल के चलते उनकी वरिष्ठता को नजर अंदाज कर लैंसडोन क्षेत्र के विधायक की पत्नी को टिकट दे दिया गया।श्रीमती सुधा सती कोटद्वार क्षेत्र में संघ और भाजपा के नाम से जानी जाती है। उनकी राष्ट्र प्रेम की सेवाओं के कारण कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में मतदाताओं पर अच्छी पकड है। भले ही वे आर्थिक रूप से अन्य प्रत्याशियों के बराबर न हों लेकिन लोकप्रियता में वे सबसे आगे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें जितनी भी वोट मिलेंगी वह भाजपा के खजाने पर सेंध होगी।

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