बदलते मौसम के चलते चिकित्सालय में बढ़े मरीज

Publish 15-03-2019 19:14:57


बदलते मौसम के चलते चिकित्सालय में बढ़े मरीज

कोटद्वार। दिन में गर्मी और रात को सर्दी के खेल ने संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे दिया है। रही सही कसर चरमरा चुकी सफाई व्यवस्था पूरी कर दे रही है। ऐसे में जुकाम, खांसी, बुखार के साथ ही मलेरिया, टाइफाइड और वायरल जैसी बीमारियां लोगों को अपनी जद में ले रही हैं। राजकीय बेस अस्पताल में भी भीड़ का दबाव बढ़ गया है। बूंदाबांदी के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते बड़ी संख्या में लोग सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में पहुंच रहे है।मार्च माह में उतार-चढ़ाव भरे मौसम ने लोगों की खूब मुश्किलें बढ़ाईं। तापमान में उतार चढ़ाव के चलते सरकारी अस्पताल में सैकड़ों मरीजों का उपचार चल रहा है। मौसम बदलने से वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। मार्च माह में चिकित्सालय मरीजों से पटी रही है। जांच में ज्यादातर मरीजों को वायरल, खांसी, जुकाम की पुष्टि हुई है। राजकीय बेस अस्पताल की ओपीडी में आम दिनों में 500-600 मीजर पहुंचते थे, लेकिन मार्च माह में यह संख्या प्रतिदिन 700-800 के बीच रही। चिकित्सकों की मानें तो अधिकतर मामले ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं। फिजीशियन डा. जेसी ध्यानी की माने तो बीमारियों के फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी है। बच्चों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान देना जरूरी है। बच्चे को बोतल से दूध पिलाने से बचें। पानी को बिना उबाले पीना ही नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्तपाल में प्रतिदिन 250-300 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार के आ रहे है। वायरल फीवर से संबंधित 150 से 200 मरीजों का प्रतिदिन चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर कोई इन बीमारियों की चपेट में हैं। इस समय जिस तरह से मौसम बदल रहा है, वह बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में बचने के लिए पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीयें। ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन करें। गंदगी से दूर रहें, साफ-सफाई पर ध्यान दें, खुले में बिक रही खाद्य सामग्री खाने से परहेज करें, वायरल फीवर से पीड़ित मरीज से दूर रहें, वायरल फीवर होने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

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