आखिर किस देश का नागरिक कहलायेगा सानिया मिर्जा का बेटा इजान मिर्जा मलिक , भारत या पाकिस्तान जाने पूरी खबर .......

Publish 01-11-2018 22:14:04


आखिर किस देश का नागरिक कहलायेगा सानिया मिर्जा का बेटा इजान मिर्जा मलिक , भारत या पाकिस्तान जाने पूरी खबर .......

भारत या पाकिस्तान, किस देश का नागरिक कहलाएगा नन्हां इजान मिर्जा मलिक
नई दिल्ली (प्रदीप रावत "रवांल्टा")।
राजनीति के भंवर और भारत-पाकिस्तानी की दुश्मनी एक-दो दिन पहले जन्मे मासूम पर भारी पड़ रही है। दअरसल, भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने हैदराबाद में पुत्र को जन्म दिया। पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक और सानिया के बेटे को इजान मिर्जा मलिक नाम दिया। लेकिन, एक दिन के होते-होते इजान भारत-पाकिस्तान के राजनीति के चक्र में फंस गया। रिपोर्टों की मानें तो शोएब के बेटे को पाकिस्तानी नागरिकता मिलनी मुश्किल नजर आ रही है। पाकिस्तानी के नियमों के मुताबिक एक भारतीय नागरिक को पाकिस्तान के पासपोर्ट और इमिग्रेशन के नियमों के अनुसार नागरिकता नहीं दी जा सकती । पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शोएब मलिक के बेटे को पाकिस्तानी नागरिकता नहीं मिल पाएगी। नियमों के अनुसार कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत के अतिरिक्त अन्य किसी भी देश की दोहरी नागरिकता रख सकता है। ऐसे में भारत में जन्म लेने की वजह इजान मिर्जा मलिक प्राकृतिक रूप से भारतीय नागरिक है। उनकी मां भी भारतीय नागरिक हैं सानिया ने शोएब से निकाह करने के बाद भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी थी।
शोएब मलिक पाकिस्तान में सियालकोट के रहने वाले हैं। उनका परिवार वहीं रहता है। पोते के जन्म की खबर सुनते ही उनकी मां ने मिठाइयां बांटीं। वहीं, शोएब के फैन्स उनके घर पर ढोल नगाड़े लेकर जश्न मनाने पहुंच गए। शोएब की मां ने कहा कि वो पोते के जन्म की खबर पाकर बेहद खुश हैं। भारतीय नियमों के अनुसार 7 जनवरी 2004 के बाद भारत में पैदा हुए किसी भी व्यक्ति को भारत का नागरिक माना जाता है, यदि उसके दोनों अभिभावक भारत के नागरिक हों अथवा यदि एक अभिभावक भारतीय हो और दूसरा अभिभावक उसके जन्म के समय पर गैर कानूनी अप्रवासी न हो, तो वह नागरिक भारतीय या विदेशी हो सकता है। 3 दिसम्बर 2004 के बाद से, भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारत का नागरिक नहीं माना जाता है यदि जन्म के बाद एक साल की अवधि के भीतर उनके जन्म को भारतीय वाणिज्य दूतावास में पंजीकृत नहीं किया गया हो। कुछ विशेष परिस्थितियों में केन्द्र सरकार की अनुमति के द्वारा 1 साल की अवधि के बाद भी पंजीकरण किया जा सकता है। एक भारतीय वाणिज्य दूतावास में एक अवयस्क बच्चे के जन्म के पंजीकरण के लिए आवेदन देने के साथ अभिभावकों को लिखित में उपक्रम को यह बताना होता है कि इस बच्चे के पास किसी और देश का पासपोर्ट नहीं है।

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