हिमालय पर्वतीय क्षेत्र के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा की दृष्टि से अति विशिष्टः एके जैन

Publish 11-12-2018 19:28:51


हिमालय पर्वतीय क्षेत्र के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा की दृष्टि से अति विशिष्टः एके जैन

पर्वत दिवस पर जीबी पंत में हुईं कार्यशाला
अल्मोड़ा 11 दिसम्बर,
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के उपसचिव डॉ एके जैन ने कहा कि हिमालय पर्वतीय क्षेत्र के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा की दृष्टि से अपनी विशिष्ट पहचान देता है। उन्होंने कहा कि जीबी पंत पर्यावरण संस्थान हिमालय के विकास के लिए जो परियोजनाएं चला रहा है वह सराहनीय है।
   गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान, कोसी कटारमल अल्मोड़ा द्वारा अंतराष्ट्रीय पर्वत दिवस के मौके पर भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली में हिमालय की पारिस्थितिक और आर्थिक सुरक्षा में महत्व विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें नैनीताल चिया तथा आईयूपीएस, साउथ एशिया द्वारा सहयोग प्राप्त इस कार्यशाला के माध्यम से हिमालय के क्षेत्रों के विभिन्न श्रेेणीयों के विषय हिमालय तथा पर्वतों की जल, पर्यटन, खाद्द पदार्थो, जैव विविधता तथा प्राकृतिक आपदा जोखिमो में कटौती विषय पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किये। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ आरसी सुन्दरियाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा को प्रस्तुत किया। और कहा कि बहुगुणा गढवाल विश्वविधालय श्रीनगर के पूर्व कुलपति प्रो0 एसपी सिंह ने हिमालय पर्वत के प्राकृतिक संसाधनों एवं सामाजिक सांस्कृतिक धरोहर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान समय में अनियंत्रित दोहन एवं त्रुटिपूर्ण कार्यशैली से यहा के प्राकृतिक संसाधनों में निरंतर गिरावट देखने को मिल रही है। कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविधालय नई दिल्ली के प्रोफेसर केजी सक्सेना ने हिमालय पर्वतों के संसाधनों पर आधारित आजिवीका में आ रही कठिनाई से पलायन को जोड़ते हुए कहा की पर्वतीय श्रेणीयों के प्राकृतिक संसाधनों के उचित नियोजन से इस दिशा में उपाय करने की आवश्यकता है।

उन्होंने पलायन को हिमालय तथा पर्वतीय क्षेत्रो के लिए घातक बताया तथा इसके रोकथाम के लिए विभिन्न योजनाओ को विकसित कर धरातल पर लाने की अपील की। आजिविका से संबधित पर्वतीय क्षेत्रों के ज्वलंत मुद्दों को उठाया। इस सत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज्य संस्थान के डा आरएम पंत, केके शर्मा, वाई एस परमार, विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के डा हरीश शर्मा, प्रकृति चितंन संस्था नैनीताल के अजय रस्तोगी, ईसीमोड काठमाडु के डा एस बनर्जी तथा भारतीय पर्वत पहल के सुशील रूमोला ने विषय विशेषज्ञ मौजूद थे। समापन अवसर में भारत सरकार के पूर्व सचिव हेम पाण्डे ने आगामी समय में पर्वतीय क्षेत्रो के विकास एवं रक्षा हेतु विभिन्न योजनाओ को लागू करने तथा पलायन आदि ज्वलन्त मुद्दों को हिमालयी क्षेत्रो से रोकने हेतु महत्वपूर्ण नीतियों तथा परियोजनाओं को लागू करने की अपील की। इस कार्यक्रम का संचालन चिया नैनीताल के डॉ पंकज तिवारी ने कियां  इस अवसर पर देश के नामी-गिरामी संस्थाओं के विषय विशेषज्ञ, अतिथिगण, पर्यावरण संस्थान, चिया नैनीताल तथा साउथ एशिया के, विशेषज्ञ, अधिकारीगण तथा विभिन्न शोधार्थियो समेत लगभग 100 लोगो ने प्रतिभाग किया।

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