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    कोटद्वार नगर निगम चुनाव में एक बार फिर से माहौल गरमाया, रदद् हो सकता है नामांकन

    26-10-2018 0:27:16

    अफवाहों का बाजार गर्म, आज की रात भारी
    चुनाव अधिकारी जाँच के बाद लेगे फैसला
    कोटद्वार/पौड़ी ।
    कोटद्वार नगर निगम का चुनाव हाईब्लोटेज ड्रामा  मे तब्दील होता जा रहा है। नगर निगम चुनाव में मेयर उम्मीदवार पर सरकारी भूमि कब्जा कर अतिक्रमण करने की अपत्तिया लगा दी गई है। आपको बताते चले कि आरटीआई कार्यकर्ताओ द्वारा सूचना अधिकार के जरिये अतिक्रमणकरियों की सूची मांगी गई थी जिसमे कांग्रेस प्रत्याशी स्वयं और भाजपा प्रत्याशी के प्रति का नाम अतिक्रमणकारियो की सूची में था जिसके बाद बसपा प्रत्याशी शोभा बहुगुणा, ने कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ आपति की है वही एडवोकेट प्रमोद राणा ने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ अतिक्रमण कर सरकारी भूमि कब्जाने की आपत्ति लगई गई है। खबर लिखे जाने तक 5 अपत्तिया दर्ज हो चुकी थी।


    ऐसे खुला मामला
    मुजीब नैथानी की अपील एवम् शिकायत पर सूचना आयोग के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग में हेमलता नेगी का अतिक्रमण पाया गया है। ऐसे अन्य अतिक्रमण भी पाए जा सकते हैं। अपने राजनैतिक रसूख के कारण आम जनता को लग रहा है कि तव इनके निर्वाचन को रद्द नहीं करेंगे। संभवतः कोई ना कोई बहाना बना देंगे। ऐसे में सवाल यह भी है कि निगम द्वारा ही अनापत्ति क्यों दी गई, सूचना अधिकार कार्यकर्ता उम्मेद सिंह रावत को पूर्व में नगर पालिका कोटद्वार ने अतिक्रमणकारियों की जो सूची भेजी थी, उसमें दिलीप रावत पुत्र भारत सिंह रावत हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार भाजपा और कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों ने नगर निगम की जमीनों पर कब्जा किया हुआ है। उत्तराखंड म्युनिसिपल एक्ट कहता है कि यदि किसी व्यक्ति अथवा उसके पारिवारिक रिश्तेदार के द्वारा नगर निकाय की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो वह नगर निगम के अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य है बाकायदा सूचना के अधिकार में दो आरटीआई एक्टिविस्ट में इस तथ्य हासिल करके को साझा किया है अपत्तिया दर्ज होने के बाद से  राजनितिक बाजार गर्म हो चुका है। कई तरीके की अफवाहे तूफान की तरह चल रही है। जिससे उम्मीदवारो और पार्टी कार्यकर्ताओ  के चेहरे पर तनाव तक देखा जा सकता है। यह तो  कल ही पता चलेगा कि आंशका सच साबित होती है या अफवाह मात्र रह कर रह जाती है । चुनाव अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने भी कहा कि 25 और 26 को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा स्क्रुटनी में यदि ऐसा कोई तथ्य पाया जाता है तो उनका नामांकन निरस्त किया जाएगा रामजी शरण शर्मा ने बताया कि नगर पालिका की भूमि पर इन दोनों दावेदारों के द्वारा कब्जा किए जाने की बात उनके संज्ञान में है।