देश का भविष्य युवा

Publish 02-12-2017 18:24:25


देश का भविष्य युवा


भारत आज प्रगति की राह पर है, लेकिन भारत का युवा प्राचीन सभ्यता, गौरवशाली इतिहास को पीछा छोड़ते हुए चल रहा हैं वह अपना विश्वास खो रहा है और हर समस्या के समाधान के लिए पाश्चात्य संस्कृति का सहारा ले रहा है। मुझे लगता है कि इससे भारत कभी विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता है। क्योंकि आज की सामाजिक, वैश्विक समस्याआंे के समाधान के लिए पाश्चात्य संस्कृति कुछ समय के लिए समाधान कर दें, लेकिन वही समाधान एक अंतराल के बाद एक जटिल समस्या बनकर हमारा सम्मुख खड़ी हो जाती है। भारत की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सभ्यता की पहचान होनी चाहिए और अपने ऊपर विश्वास करके समाज को संगठित करने का कार्य अपने हाथों में लेकर भारत को न केवल विकसित बल्कि पूरे विश्व का सिरमोर बना सकता है। हमारे सामने दुनियां के दो बेहतरीन उदाहरण हैं। एक जापान और दूसरी चीन। जिन्होने विषम परिस्थतियों में भी अपनी सभ्यता को नहीं भुलाया और आज वे विकसित राष्ट्र के रूप में पूरी दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाकर खड़े हैं। देश का भविष्य युवाओं के हाथो में है।
 इसलिए युवा वर्ग को देश के विकास के लिए हमेशा किसी न किसी रूप में तत्पर रहकर देश के विकास में भागीदारी करनी चाहिए। समाज के मजबूत नींव हम तभी रख सकते हैं, जब हम अपने व्यक्तित्व में अच्छे गुणों का समावेश करें और अपने पूर्वजो के इतिहास व उनकी गलतियों का स्मरण कर देश के सुनहरे भविष्य को बना सके।

 

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