पत्रकार के साथ अभद्रता करना नर्सिंग होम को पड़ा महंगा

Publish 12-01-2018 17:44:27


पत्रकार के साथ अभद्रता करना नर्सिंग होम को पड़ा महंगा


-पीडित की तहरीर पर अस्पताल प्रशासन के आधा दर्जन लोगो पर मुकदमा दर्ज
उन्नाव, यूपी (संकल्प)।
गुरूवार की देररात सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित प्राइवेट नर्सिंग होम में हो रहे हंगामे की सूचना पर कवरेज करने के दौरान मीडियाकर्मी के साथ अस्पताल संचालक समेत आधा दर्जन लोगो ने जमकर बदसलूकी करते हुए हाथापाई की थी। जिसकी सूचना पर पहुंचे अन्य मीडियाकर्मियों ने कोतवाली का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाही की मांग की थी। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
सदर कोतवाली के बड़ी नहर निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र अमर सिंह को किसी ने फोन कर कोतवाली के बड़ी नहर स्थित सुभी हाॅस्पिटल एण्ड ट्रामा सेण्टर में हंगामा होने की सूचना दी। जिसकी कवरेज करने के लिए मीडियाकर्मी योगेन्द्र बाइक से कैमरा लेकर नर्सिंग होम पहुंचा। इस दोैरान ज बवह कवरेज करने लगा तो अस्पताल में  मौजूद संचालक, सौरभ व समेत आधा दर्जन लोग हावी हो गए। गाली-गलौज करते हुए अभद्रता करनी शुरू कर दी। विरोध करने पर कर्मी से उसका कैमरा छीन रिकॉर्ड  हुआ सारा डेटा डिलीट कर दिया। पीड़ित कोतवाली पहुंचा और अन्य मीडियाकर्कियों को फोन कर सूचना दी। सूचना पर काफी संख्या में रात में ही मीडियाकर्मी कोतवाली पहुंचने लगे। उच्चाधिकारियों के आदेश पर पीड़ित् की तहरीर पर धारा 147, 323, 504, 506, 427 में अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया गया है।
क्या था मामला
बीते रविवार को गंगाघाट कोतवाली के इन्द्रा नगर निवासी शिवा 30 पुत्र प्रदीप बाइक से कहीं जाते समय ट्रक से एक्सीडेट हो गया था। परिजन सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वहां से सुभी नर्सिंग होम लेकर आ गए थे। गुरूवार को अस्पताल के चिकित्सक हाथ खड़ा करते हुए मरीज को लखनऊ रेफर करने लगे। मरीज के परिजनों के असमर्थता जताने पर अस्पताल प्रशासन अभद्रता करते हुए मरीज को ले जाने पर दबाव बनाने लगा। जिससे दोनो पक्षो में कहासुनी होने लगी। बात बढ़ी तो परिजन हंगामा करने लगे। इस बीच सूचना पर पहुंचे मीडियाकर्मी के साथ अस्पताल प्रशासन ने भी अभद्रता करने लगे।
मानकविहीन अधिकतर नर्सिंग होम
शहर में अधिकतर नर्सिंग होम बिना मानको के संचालित है। इनके पास न तो तो मानक के अनुरूप ओटी है, न फायर एनओसी, न चिकित्सको के पैनल की सूची। कई नर्सिंग होम तो सिर्फ बी.ए. पास स्टूडेण्ट के भरोसे संचालित है। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब इन मानको को यह नर्सिंग होम पूरा नही करते तो ऐसे में इनका ररिस्टेªशन स्वास्थ्य विभाग कैसे जारी कर रहा है। यह स्वास्थ्य विभाग पर सवालियां निशान जरूर है।

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