गैरप्रान्तीय युवको को पकड़ पुलिस ने किया डकैती की योजना का भण्डाफोड़, पर खुलासे में फंसे पेंच

Publish 13-01-2018 20:05:55


गैरप्रान्तीय युवको को पकड़ पुलिस ने किया डकैती की योजना का भण्डाफोड़, पर खुलासे में फंसे पेंच


वर्कशाॅप में डकैैती, ज्वैलर्स से लाखों की चोरी का तो अभी तक सुराग नही
उन्नाव, यूपी (संकल्प)।
गुडवर्क हासिल करने में पुलिस इतनी मशगूल हो गयी है कि अब घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे अपराधियों की योजना को भंग कर उन्हे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन शातिर अपराधियों द्वारा की गयी, वर्कशाॅप में लाखों की डकैती, ज्वैल्र्स से लाखों की चोरी इत्यादि सहित पूर्व में हुई कई वारदातें अभी भी पुलिस के लिए पहली बनी है। गैर प्रान्तीय युवको को पकड़ पुलिस जिस खुलासे और सक्रियता का दम्भ भर रही है उस खुलासे मंे भी कई पेंच फंसे है।
    बीते दिनो सदर कोतवाली पुलिस ने गश्त के दौरान मोहल्ला लोधनहार से डकैती की योजना बना रहे पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिसियां पूछतांछ के दौरान अभियुक्तों ने अपना संदीप कुमार पुत्र रामपाल लोधी निवासी जुराखन खेड़ा, शैलेन्द्र पटेल पुत्र रामसखा सिंह निवासी इब्राहिम पुर थाना अदाहलट जिला मिर्जापुर, दानिश अली पुत्र अंसार अली निवासी आईएएस काॅलोनी थाना गोलकुण्डा जिला हैदराबाद, तेलंगाना, गुरूमिंदर सिंह पुत्र बलदेव सिंह नेनोकोट जिला गुरूदासपुर पंजाब, विष्णु विजय पुत्र विजय निवासी थाना केनचरा, जिला बायनार केरल बताया है। अभियुक्तों के पास से पुलिस ने पुलिस ने दो कट्टे, पांच मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है।
 

गले से नीचे नही उतर रहा खुलासे का पेंच
उन्नाव।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने चार दिन पहले ही इन गैरप्रान्तीय युवको को पकड़ लिया था। जिसकी खबर एसकेजी चैनल द्वारा पूर्व में ही प्रकाशित की जा चुकी है। हालांकि मामले की जानकारी के लिए जब कांशीराम चैकी प्रभारी कृष्ण चंद्र से बात की गयी तो उन्होने ऐसे जवाब दिया जैसे वो दूध पीते बच्चे हो। जबकि चार दिन बाद शनिवार को पुलिस उन्ही युवकों को मीडिया के सामने लाकर पेश करती है और कहती है कि ये है हमारा गुडवर्क। ये है वो अभियुक्त जो एटीएम में डकैती की योजना बाना रहे थै। हालांकि चार चली पुलिसिया पूछतांछ में सिर्फ डकैती की योजना की ही बात कबूल करवा पाई। अब सवाल ये उठता है कि चार दिन पहले से हो रही पूछतांछ में पुलिस सिर्फ डकैती की योजना ही कबूलवा पाई। जवाब अगर हां है तो फिर इसका खुलासा तो पहले ही कर देना चाहिए था।
 

हाइवे पर डीजल चोरी में क्यूं नही दिखी खाकी सक्रिय
सक्रियता का ढ़िढ़ोरा पीटने वाली पुलिस अब शक के घेरे में है। गश्त के दौरान सक्रिय हुई पुलिस ने जिस बडी वारदात को होने से बचाने का दावा का रही है उसी पुलिस से हाइवे पर डीजल चोरी से पीड़ित होने वाले वाहन चालको का सवाल है कि पुलिस की सक्रियता हाइवे पर घूमने वाले डीजल चोर गिरोह पर क्यूं नही दिखती।
 

अमां! इन घटनाओं का तो सुराग भी नही
रात रात भर गश्त कर जनता को महफूज रखने वाली खाकी के लिए इन घटनाओं की सुराग लगाना भी सरदर्द बना है। बीते 8 दिसम्बर को सदर कोतवाली के गदन खेड़ा में ज्वैलर्स की दुकान से शातिर चोर लगभग 15 लाख के सोने व चांदी के जेवर ले उड़े थे। जबकि इसी के ठीक दो दिन बाद 10 दिसम्बर को दही चैकी स्थित रोडवेज वर्कशाॅप में डकैती 23 लाख की डकैती की घटना को अंजाम देते है। लगभग एक माह बीत चुका है, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नही पहुंच सकी है। इसी के साथ बीते मंगलवार की रात को जिला अस्पताल के डाॅक्टर प्रशान्त उपाध्याय के घर चोर तीन लाख की चोरी करते है। वही 2017 में हुई वारदातों को खोल पाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर है।

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