निलम्बित दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेजा

Publish 23-12-2017 18:53:49


निलम्बित दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेजा

सम्भल, यूपी(गुफरान कुरैशी )| यूपी के संभल में युवती को बंधक बनाकर गैंगरेप करने, थाने के माल खाने का सामान और सरकारी पिस्टल गायब करने तथा हेडमुंशी की हत्या के लिए 5 लाख की सुपारी में घिरे संभल पुलिस ने निलंबित दरोगा को गिरफ्तार किया है
हयातनगर थाना हेड मुंशी के पद पर तैनात रहे देवेंद्र सिंह यादव पर आरोप था कि उसने अपनी तैनाती के दौरान थाने के मालखाने का तमाम सामान गायब कर दिया था खुलासा तब हुआ जब अगले हेड मुंशी नवरत्न ने उसका चार्ज संभाला तो पता लगा की मुकदमों से संबंधित गाड़ियां तथा अन्य सामानों के अलावा सरकारी पिस्टल और कारतूस थाने से गायब मिले इस मामले में तत्कालीन थाना अधियक्ष द्वारा 13 मई 2017 को देवेंद्र यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जब देवेंद्र सिंह यादव थाने में ही तैनात था तब उसका इसी थाना क्षेत्र के निवासी एक परिवार में आना जाना हो गया देवेंद्र सिंह यादव पदोन्नत होकर सब इंस्पेक्टर हो गया तो जिस घर में उसका आना जाना हो गया था उस घर की एक युवती को उसने अपने जाल में फसा लिया और अपने बेटे से विवाह कराने का झांसा दिया आरोप है कि बेटे से जबरन शारीरिक संबंध बनवाये और युवती को विभिन्न स्थानों पर बंधक बनाकर रखा इसी दौरान युवती को दबाव में लिया और अलीगढ़ जिले के अतरौली में ले जाकर शादी के कागजातों पर हस्ताक्षर कर लिए इसका खुलासा युवती ने शुक्रवार को थाना हयातनगर में दर्ज एफआईआर मे किया युवती का आरोप है कि देवेंद्र सिंह यादव और उसके बेटे विकास यादव ने उसके साथ बलात्कार किया है जबकि देवेंद्र के भाई ने जबरन संबंध बनाने का प्रयास किया पीड़ित युवती ने अपनी एफआईआर में यह खुलासा भी किया है कि देवेंद्र सिंह यादव ने हेड मुंसी नवरत्न की हत्या के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी जिन लोगों को 2 लाख एडवांस भी दिए गए थे मुकदमों में वंचित होने के बाद देवेंद्र सिंह यादव निलंबित हुआ था और उसके बाद से अनुपस्थित चल रहा था पुलिस ने पीड़िता के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।  
इस मामले को सियासी दबाव कहे या अधिकारियों की ढिलाई हकीकत यह हे कि देवेंद्र सिंह यादव शिकायतों के बाद भी हयातनगर थाने में तैनात रहा उसकी कमियों पर पर्दा पड़ता रहा अपनी तैनाती के दौरान वह हमेशा में चर्चा और विवादों में रहा और सवाल है कि इसके बावजूद उसे थाने की तैनाती क्यों मिलती रही इस बारे में कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है लेकिन ऐसा कहा जाता है कि राजनीतिक दबाव में उसे बार-बार तैनाती मिलती रही जो शिकायतें उसके खिलाफ थी उसको अधिकारी नजर अंदाज कर देते थे और मुकदमे से संबंधित माल का हकीकत में मिलान नहीं हुआ इसका खुलासा तब हुआ जब उसके तबादले के बाद हेड मुंसी के पद पर नवरत्न की तैनाती हुई तो नवरतन ने देवेंद्र सिंह यादव से चार्ज लिया उसके बाद देवेंद्र सिंह द्वारा चार्ज  देने में आनाकानी सामने आई तो बावजूद एसपी ने वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाई कमेटी ने उसकी तैनाती के दौरान अभिलेखों का परीक्षण किया उधर आरोपी का कहना हे की युवती से उसके परिजनों की इच्छा के अनुसार शादी की गयी थी शादी में स्क्रार्पिओ दी गयी जिसको विवाद के बाद लड़की वालों ने वापस ले लिया और लड़की वाले मेरे एक प्लाट कब्ज़ा करना चाहते थे इसीलिए ये सब आरोप मुझपर लगाए गए हे उधर आरोप लगा रही युवती की माने तो उसकी बातों में भी झोल नज़र आता हे एक तरफ तो पीड़ित युवती आरोपी के साथ राजनीती का सपना देख रही थी और आरोपी के साथ इतने दिन किसी भी हालत में रही तो उसने अपनी आवाज क्यों नहीं उठाई और जब युवती के घरवालों की इच्छा के अनुसार शादी नहीं हुई तो युवती के घरवालों ने आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर क्यों नहीं दी ये सब सबाल युवती को भी कहीं न कहीं शक के कटघरे में खड़ा करते हे

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