बंद घर को बनाया अज्ञात चोरो ने निशाना

Publish 02-01-2019 22:29:37


बंद घर को बनाया अज्ञात चोरो ने निशाना

कोटद्वार/पौड़ी  । सोलर पैनल रोजगार का अच्छा जरिया हो सकता है, लेकिन सरकार की ओर से प्रचार-प्रसार के अभाव के चलते यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिन लोगों ने सोलर पैनल अपने घरों में लगाए हैं, वे आज सुखी होने के साथ ही खुश भी है। दरअसल जहां लोग ऊर्जा निगम से बिजली खरीद कर प्रति दो माह में पंद्रह सौ से अधिक की धनराशि निगम को देते हैं, वहीं पैनल लगाने वाले लोग अपनी खपत पूरी करने के साथ ही बचत की बिजली ऊर्जा निगम को दे रहे हैं। सोलर पैनल लगाने वालों में अधिकांश ने इस योजना की सराहना करते हुए अन्य लोगों से भी इस योजना से जुड़ने की अपील की है।
केंद्र सरकार के नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय द्वारा रूफ टॉप  सोलर पॉवर  प्लांट योजना चलाई। इसके अलावा राज्य सरकार ने सूर्योदय स्वरोजगार योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत जनपद पौड़ी गढ़वाल में उरेड़ा द्वारा लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित किया गया। कोटद्वार में भी कई लोगों द्वारा इस योजना के तहत सोलर पैनल लगाए गए, शुरूआती दौर में लोग इस योजना से खुश नजर नहीं आ रहे थे, लेकिन अब जबकि पूरा पैनल तैयार हो गया है तो योजना के तहत लाभान्वित लाभार्थियों के चेहरों पर भी मुस्कराहट लौट गई है। पैनल लगाने वाले परिवारों को गर्मी के इस मौसम में न तो लाइट भागने का सिरदर्द ही है और न ही बिजली का बिल जमा कराने की ही चिंता। उल्टे पैनल लगाने वाले परिवार आज ऊर्जा निगम को बिजली बेचकर पैसा कमा रहे हैं।


क्या थी योजना
रूफ टॉप सोलर पॉवर  प्लाट एवं सूर्योदय स्वरोजगार योजना के तहत आवेदक को महज 10 फीसदी धनराशि ही स्वयं की जेब से खर्च करनी है बाकी का 90 फीसदी हिस्सा केंद्र एवं सरकार द्वारा दी जानी है। पांच किलोवाट के पैनल पर वास्तविक लागत करीब तीन लाख के करीब बैठती है, जिसमें से महज 31 हजार रूपए ही आवेदक को देने हैं बाकी के 2,70,000 हजार रूपए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा खर्च की जानी है।


क्या मिलना है आवेदक को
पैनल के साथ ही आवेदक को वाई फाई पॉवर  हाउस, इनवर्टर, और एमसीवी के साथ ही मीटर भी सरकार की ओर से दिया जा रहा है। यदि आप इनर्वटर लगाना चाहते हैं तो इसके लिए 20 हजार रूपए की बैटरियां आपकों स्वयं ही लगानी होगी।

क्या कहते हैं लाभार्थी
पदमपुर सुखरौ निवासी निशा रावत ने बताया कि उनके घर में एसी लगा हुआ है और पैनल लगाने से पहले प्रति दो माह में उनका बिल 2600 के करीब आता था, लेकिन पैनल लगने के बाद पूरे घर की बिजली की खपत निशुल्क हो रही है। इसके अलावा बचत की बिजली ऊर्जा निगम को बेचकर उनको आमदनी भी मिल रही है। लालपुर निवासी नेत्र मोहन असवाल ने बताया कि पैनल लगने के बाद से बिजली खर्च पूरी तरह से निशुल्क हो गया है और ऊर्जा निगम को बचत की बिजली बेचकर आमदनी भी हो रही है, हालांकि अभी विभाग द्वारा उनको भुगतान नहीं किया गया है, लेकिन कई लोगों को विभाग द्वारा भुगतान किया जा चुका है। उनका मानना है कि सभी लोगों को इस पैनल का लगाना चाहिए।

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